CG Police Attack: रायपुर। एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में वांटेड आरोपियों की तलाश में उत्तर प्रदेश के कौशांबी पहुंची छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। सिविल ड्रेस में पहुंचे पुलिसकर्मियों को ग्रामीणों ने चोर समझ लिया और उनके साथ जमकर मारपीट की।
वांटेड आरोपियों की तलाश में पहुंची थी पुलिस टीम
जानकारी के अनुसार, देवनगर थाना क्षेत्र में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के एक प्रकरण में तीन वांछित आरोपियों (Wanted accused) की तलाश की जा रही थी। आरोपियों में आकाश, शिवम केशरवानी और उसका एक अन्य साथी शामिल हैं। इन्हीं आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के ईचौली गांव पहुंची थी। बताया जा रहा है कि पुलिस टीम ने पहले आरोपी आकाश को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद टीम दूसरे आरोपी शिवम केशरवानी के घर पहुंची। पुलिस जैसे ही उसे पकड़ने का प्रयास करने लगी, उसने खुद को बचाने के लिए जोर-जोर से “चोर-चोर” चिल्लाना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
चोर समझकर ग्रामीणों ने घेरा और किया हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ग्रामीणों ने बिना स्थिति की जानकारी लिए पुलिसकर्मियों को चोर समझ लिया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और ग्रामीणों ने पुलिस टीम को घेर लिया। इसके बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई और कुछ लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
पुलिस के अनुसार, टीम में आरक्षक जगदेव प्रसाद वर्मा, हेड कांस्टेबल युसूफ खान, सिपाही अजय चौधरी, आरक्षक संदीप सिंह और आरक्षित सत्येंद्र प्रधान शामिल थे। आरोप है कि शिवम केशरवानी, उसके भाई, रिश्तेदारों और समर्थकों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और आरोपियों को ले जाने से रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस दल को जान से मारने की धमकी भी दी गई।
हमले में आरक्षक गंभीर रूप से घायल
हमले में आरक्षक जगदेव प्रसाद वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। वहीं अन्य पुलिसकर्मियों ने किसी तरह वहां से निकलकर स्थानीय पुलिस को घटना की सूचना दी।
सूचना मिलते ही कोखराज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया है। घटना की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस हमले में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

