Rajya Sabha Election: नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए अपने 11 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है।
नए चेहरों और संगठन से जुड़े नेताओं पर भरोसा
इस बार के राज्यसभा चुनाव में बीजेपी ने किसी भी निवर्तमान सांसद को दोबारा टिकट नहीं दिया है, बल्कि नए और संगठन के निष्ठावान चेहरों पर दांव खेला है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और राजस्थान के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया को पहली बार संसद भेजने की तैयारी है।
गुजरात से पार्टी ने राजूभाई शुक्ला, मुकेशभाई राठवा, मानसिंह परमार और जितेंद्र कंजारिया को चुना है, जिसके जरिए ओबीसी और आदिवासी समुदायों को खास तरजीह दी गई है। वहीं, पूर्वोत्तर से मणिपुर की प्रदेश अध्यक्ष ए शारदा देवी और अरुणाचल से पूर्व प्रदेश प्रमुख ताई तगाक को उम्मीदवार बनाया गया है। ओडिशा की बात करें तो हाल ही में बीजेडी छोड़कर आए देबाशीष सामंतराय को पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया है।
बिट्टू और कुरियन को लेकर आगे की संभावित रणनीति
पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह के पोते और मजबूत जाट सिख नेता रवनीत सिंह बिट्टू का नाम न होना कई लोगों के लिए हैरानी भरा है। लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी उन्हें पंजाब के आगामी विधानसभा चुनावों पर पूरी तरह से फोकस करने के लिए कह सकती है।
वहीं, केरल से आने वाले अनुभवी नेता जॉर्ज कुरियन हाल ही में राज्य विधानसभा चुनाव हार गए थे, इसलिए उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर भी कोई नई रणनीति बन सकती है। इसके अलावा, पंजाब में पार्टी ने जहां प्रदेश अध्यक्ष के रूप में एक जाट सिख को कमान सौंपी है, वहीं राज्यसभा के लिए तरुण चुघ को चुनकर अपने पुराने और पारंपरिक वोटरों को भी साधने का संतुलन बनाया है।
11 सीटों पर बीजेपी की जीत लगभग तय
जिन निवर्तमान सांसदों का टिकट काटा गया है, उनमें गुजरात से रामभाई मोकारिया, अमीन नरहरि, रमीला बारा, राजस्थान से राजेंद्र गहलोत, मणिपुर से लीशेम्बा सनाजाओबा, अरुणाचल से नबाम रेबिया और मध्य प्रदेश से सुमेर सिंह सोलंकी शामिल हैं। इन राज्यों की विधानसभाओं में अपने मजबूत संख्या बल के चलते बीजेपी का 10 सीटों पर जीतना पूरी तरह तय है। इनमें गुजरात से चार, राजस्थान और मध्य प्रदेश से दो-दो, तथा मणिपुर और अरुणाचल से एक-एक सीट शामिल है। इसके साथ ही, ओडिशा की एक मात्र उपचुनाव सीट पर भी पार्टी की ही जीत पक्की मानी जा रही है।

