Bialapur : बिलासपुर के जिला एवं सत्र न्यायालय में आज राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जहां बिजली बिल, बैंक लोन, मोटर व्हीकल एक्ट, दीवानी और पारिवारिक समेत सैकड़ो मामलों का आपसी सहमति से निराकरण किया गया। लोक अदालत पर भरोषा कर बड़ी संख्या में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से लोग पहुंचे थे ।
लोक अदालत मे गठित विभिन्न खंडपीठो में सबसे ज्यादा चर्चा बिजली बिल से जुड़े मामलों को लेकर रही। ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे कई लोगों ने बताया कि उनके बिजली बिल में अचानक बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे वे परेशान हैं। एक ग्रामीण को 65 हजार रुपए बिजली बिल दिया था ।विभाग की ओर से लगभग 23 हजार रुपए की छूट देकर बाकी रकम जमा करने को कहा गया, ।वहीं एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि उसका मकान पिछले 5 से 7 वर्षों से बंद है, इसके बावजूद भारी बिजली बिल थमा दिया गया। उन्होंने भी लोक अदालत में पहुंचकर राहत और छूट की मांग की। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि समाधान शिविर के माध्यम से सभी मामलों का निराकरण की पूरी कोशिश की जा रही है।अधिकारियों के अनुसार उपभोक्ताओं को बकाया राशि में लगभग 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है, ताकि लोग आसानी से अपना भुगतान कर सके जिससे विवाद का समाधन हो जाये।
नेशनल लोक अदालत में बैंक लोन और सेटलमेंट के मामलों जुड़े पक्षकार बड़ी संख्या देखने को मिले ।एसबीआई समेत कई बैंकों ने अपने-अपने शिविर लगाए थे, जहां पुराने लोन, बकाया किश्त और बैंक विवादों का समाधान किया गया। बैंक अधिकारियों ने बताया कि ग्राहकों को राहत देते हुए समझौते के जरिए मामलों का निपटारा किया जा रहा है।
कुल मिलाकर लोक अदालत लोगों के लिए राहत लेकर आई, जहां वर्षों पुराने मामलों का समाधान आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से किया गया।पूरे दिन न्यायालय परिसर में पक्षकारों तथा वकीलों की भीड़ और प्रकणों के समाधान को लेकर हलचल बनी रही।

