Mahasamund LPG scam: महासमुंद। करीब 1.5 करोड़ रुपए से अधिक के एलपीजी घोटाले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने प्लांट मैनेजर, खाद्य अधिकारी और सहायक खाद्य अधिकारी के साथ गौरव गैस एजेंसी के संचालक पंकज चंद्राकर को भी गिरफ्तार कर लिया है. भाजपा नेता पंकज चंद्राकर पूर्व राज्यमंत्री पूरन चंद्राकर के दामाद हैं.
उन पर आरोप है कि खाद्य अधिकारी अजय यादव, सहायक खाद्य अधिकारी मनीष यादव और गौरव गैस एजेंसी के संचालक पंकज चंद्राकर ने प्लांट मैनेजर निखिल वैष्णव के साथ मिलीभगत कर प्लानिंग के साथ 6 गैस कैप्सूल को अभनपुर स्थित ठाकुर पेट्रोकेमिकल को हैण्ड ओवर किया था, जहां से कैप्सूल वाहनों में भरी गैस को धीरे-धीरे निकालकर अलग-अलग टैंकरों के जरिए बाजार में खपा दिया.
ऐसे खुला घोटाले का राज
जांच के दौरान कैप्सूल वाहनों में लगे जीपीएस सिस्टम से मिली जानकारी ने पूरे घोटाले का पर्दाफाश कर दिया. पुलिस ने गतिविधियों का क्रमवार विश्लेषण किया, जिसमें सामने आया कि 31 मार्च को 2 कैप्सूल, 1 अप्रैल को 1 कैप्सूल, 3 अप्रैल को 1 कैप्सूल और 5 अप्रैल को 2 कैप्सूल से गैस निकाली गई. इस तरह कुल 6 कैप्सूल से 90 मीट्रिक टन अवैध रूप से गैस खाली की गई.
जब्त दस्तावेजों की जांच में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं. रिकॉर्ड के मुताबिक, अप्रैल महीने में मात्र 47 टन गैस खरीदी गई थी, और शुरुआती स्टॉक भी शून्य था. इसके बावजूद 107 टन से अधिक गैस की बिक्री दर्ज दिखाई गई. खरीद और बिक्री के आंकड़ों में यह भारी अंतर साफ तौर पर चोरी और कालाबाज़ारी की ओर इशारा करता है.
प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने यह कार्य उच्च अधिकारियों के निर्देश पर किया. गैस को पहले प्लांट के बुलेट टैंक में खाली किया जाता था और फिर निजी टैंकरों के माध्यम से अलग-अलग स्थानों पर भेज दिया जाता था. जांच में यह भी सामने आया है कि रायपुर और आसपास के इलाकों में 4 से 6 टन तक गैस की सप्लाई कच्चे चालान के जरिए की गई.
मामले में प्लांट मैनेजर निखिल वैष्णव, खाद्य अधिकारी अजय यादव, सहायक खाद्य अधिकारी मनीष यादव के अलावा गौरव गैस एजेंसी के संचालक पंकज चंद्राकर को हिरासत में लिया है. वहीं ठाकुर पेट्रोकेमिकल के मालिक संतोष ठाकुर और सार्थक ठाकुर फरार हैं.

