Chaitra Navratri Day 3: Worship Goddess Chandraghanta during the Abhijit Muhurat; this worship destroys sins.
Chaitra Navratri Day 3: चैत्र नवरात्र का पावन पर्व बेहद शुभ माना जाता है। यह दिन मां दुर्गा के सबसे पराक्रमी और कल्याणकारी स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा के लिए समर्पित है। मां चंद्रघंटा साहस, वीरता और शांति का प्रतीक है। इनके मस्तक पर अर्धचंद्र (घंटा के आकार का) सुशोभित होता है, इसलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है।
ऐसी मान्यता है कि नवरात्र के तीसरे दिन जो भक्त मां चंद्रघंटा की पौराणिक कथा का पाठ करते हैं, उनके जीवन से न केवल मानसिक तनाव दूर होता है, बल्कि जन्म-जन्मांतर के दुखों का भी अंत हो जाता है,
आज अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:04 से दोपहर 12:53 तक रहेगा, इस वक्त पर मां की पूजा करने से वो प्रसन्न होती हैं और भक्तो पर दोनों हाथ से प्रेम लुटाती हैं।
सुबह स्नान कर साफ वस्त्र पहनें और पूजा स्थान को शुद्ध करें। मां चंद्रघंटा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। गंगाजल छिड़ककर वातावरण पवित्र करें। मां को पीले फूल, अक्षत, रोली और चंदन अर्पित करें। दूध, खीर या मिठाई का भोग लगाएं। दीपक और धूप जलाकर आरती करें।ॐ देवी चंद्रघंटायै नमः का जाप करें।
मां चंद्रघंटा की पूजा से भय, तनाव और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।यह रूप भक्तों को साहस, आत्मविश्वास और शक्ति प्रदान करता है।जिन लोगों को जीवन में संघर्ष या डर का सामना करना पड़ रहा हो, उनके लिए यह पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। मां की कृपा से घर में शांति, सुख और समृद्धि आती है।

