BREAKING CHATTISGARH STATE FOUNDATION

काम से नाम तक का सफर : स्वर्गीय संतोष तिवारी, शब्दांजलि

Share this

रायपुर (तपेश जैन) । सहसा विश्वास नहीं होता कि श्री संतोष तिवारी अब हमारे बीच में नहीं रहे उनका इतना जल्दी जाना निश्चित ही हृदय को द्रवित करता है। स्वर्गीय संतोष तिवारी से मुलाकात तहसील कार्यालय रजिस्ट्री के काम के सिलसिले में हुई । रजिस्ट्री के काम में संतोष तिवारी बेजोड़ थे ।उनके पास में जो टीम थी वह गतिशील, कार्यशील और अपने कार्य को सक्षमता के साथ और समय के साथ पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध थी। जमीन की बड़ी-बड़ी रजिस्ट्री श्री संतोष तिवारी करते रहे और उनके क्लाइंट में शहर के प्रतिष्ठित लोगों का नाम रहा।

संतोष तिवारी भैया का तनाव मुक्त रहना और सिगरेट पीने की भी आदत थी । गाना याद आता है कि हर फिक्र को धुएं में उड़ाता चला गया । इस व्यक्तित्व के धनी संतोष तिवारी जी को श्रद्धांजलि देते हुए परमपिता परमात्मा से यह कामना करेंगे कि उनकी आत्मा को अपने चरणों पर स्थान दें और परिवार को दुख की घड़ी में सांत्वना मिले ।हम सब जानते हैं की विधि के विधान के सामने हम सब नत मस्तक हैं।

घटना तो बहुत सारी है और पत्रकार के रूप में जब मेरी मुलाकात हुई तो वह पत्रकारों का काम प्राथमिकता के आधार पर और समयबध्य ढंग से और बिल्कुल ही रियायती फीस के साथ में कर देते थे क्योंकि उनके भ्राता श्री राम अवतार तिवारी पत्रकार हैं और पत्रकारों का प्रेम उनके साथ में जुड़ा रहा यह भी एक खास बात रही। शब्दांजलि में बहुत कुछ लिखा जा सकता है लेकिन भाव समझे और उन्हें हम नमन करते हैं।

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *