Naxalite Encounter: चाईबासा। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा में माओवादियों के विरुद्ध सुरक्षा बलों ने अभियान तेज कर दिया है। सारंडा जंगल के मरंगपोंगा इलाके में रविवार को पुलिस और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है।
इस दौरान सुरक्षाबल का एक और जवान गोली लगने से घायल हो गया है।उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। उसे एयरलिफ्ट कर रांची भेजने की तैयारी की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, सुरक्षाबल रविवार सुबह सर्च ऑपरेशन चला रहे थे, तभी आईईडी ब्लास्ट हुआ, जिसमें सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन के सहायक कमांडेंट घायल हो गए। उन्हें तत्काल एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया।
सुरक्षाबलों ने माओवादियों को घेरा
विस्फोट के बाद माओवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभालते हुए ताबड़तोड़ गोलीबारी की। दोनों ओर से लगातार हो रही गोलीबारी की आवाजें आसपास के ग्रामीण इलाकों तक सुनाई दे रही हैं।
जानकारी मिल रही है कि सुरक्षाबलों ने एक बड़े माओवादी दस्ते को घेर लिया है और मुठभेड़ में कई माओवादियों के घायल होने की खबर है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शनिवार को ही जिले के एसपी अमित रेनू ने मनोहरपुर में माओवादियों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी थी। फिलहाल इलाके में सघन अभियान जारी है और अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। ब्लास्ट के कुछ ही देर बाद कोबरा 209 बटालियन, सीआरपीएफ और जिला पुलिस ने कोलभंगा जंगल में माओवादियों को घेर लिया। पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेनू ने घटना की पुष्टि की है।
अब अंतिम लड़ाई
जराइकेला थाना क्षेत्र के कोलभंगा जंगल में शुरू हुई मुठभेड़ अब निर्णायक मोड़ पर है। सूत्रों के अनुसार माओवादियों का एक दस्ता कई दिनों से गुवा, छोटानागरा और जराइकेला थाना क्षेत्रों के जंगलों में लगातार स्थान बदल-बदल कर छिपा हुआ था।
सुरक्षा बलोंकी फायरिंग से माओवादी बुरी तरह घबरा गए हैं और जंगल के अलग-अलग हिस्सों में भागने लगे हैं। वहीं कई माओवादी हथियार छोड़कर भागते दिखे। कुछ पहाड़ियों और घने जंगलों में छिपने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पुलिस फोर्स ने पूरे क्षेत्र को सील कर दिया है। ऑपरेशन में कोबरा 209 बटालियन ने अपनी विशेष रणनीति अपनाई है। इसके लिए सारंडा जंगल में माओवादियों को पूरी तरह घेर लिया गया है।

