
तत्कालीन कार्यपालन अभियंता उमाशंकर राम, जल संसाधन विभाग के निलंबन से, बहाल नहीं किए जाने पर सर्व आदिवासी समाज में आक्रोश।
जन चौपाल, भेंट मुलाकात कार्यक्रम में फर्जी शिकायत के आधार पर मुख्यमंत्री के द्वारा तत्कालीन कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग उमाशंकर राम को किया गया था, निलंबित।
उमाशंकर राम अपने शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन के साथ, साथ, सर्व आदिवासी समाज,विकास समिति आदिवासी सरगुजा छत्तीसगढ़ के संभागीय अध्यक्ष, सर्व आदिवासी समाज जिला-बलरामपुर-रामानुजन के संरक्षक, माता राजमोहिनी सेवा समिति के कार्यकारी अध्यक्ष पद में भी सुशोभित हैं, तथा सरगुजा संभाग में बेहतर सामाजिक कार्यकर्ता हैं,उनके निलंबन से स्वयं उमाशंकर राम तथा सर्वसमाज अपमानित महसूस कर रहा है।
बलरामपुर/ आफताब आलम – बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम कामेश्वर नगर में आयोजित जन चौपाल कार्यक्रम,भेंट मुलाकात में मुख्यमंत्री के द्वारा तत्कालीन कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग उमाशंकर राम को निलंबित किया गया था, जो एक वर्ष पूर्ण हो गया, एक वर्ष बाद भी निलंबित, तत्कालीन कार्यपालन अभियंता उमा शंकर राम के संबंध में आज तक कोई निर्णय नहीं लिया गया,बल्कि मुख्यमंत्री जन चौपाल भेंट मुलाकात कार्यक्रम में,नगरीय प्रशासन विभाग, वन विभाग में किए गए निलंबित सीएमओ, डीएफओ तथा रेंजर को पांच महीने में ही बहाल कर दिया गया।
तत्कालीन कार्यपालन अभियंता उमाशंकर राम को बलरामपुर रामानुजन जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम कामेश्वर नगर में आयोजित जन चौपाल कार्यक्रम, भेंट मुलाकात कार्यक्रम 05 मई 2022 को निलंबन हेतु घोषणा मुख्यमंत्री के द्वारा उमाशंकर राम कार्यपालन अभियंता (रूपांकर) कार्यालय अधीक्षण अभियंता, श्याम बरनई परियोजना मंडल, अंबिकापुर को मुख्यमंत्री द्वारा जनसंपर्क भ्रमण के दौरान भू अर्जन प्रकरणों के, त्वरित निराकरण में लापरवाही बरते जाने, शासकीय कार्यों का सम्यक रूप से निर्वहन नहीं किए जाने के कारण, राज्य शासन द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उन्हें, अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक कार्यालय मुख्य अभियंता, मिनीमाता (हसदेव )बांगो परियोजना बिलासपुर, मुख्यालय निर्धारित किया गया है।
इस विषय में सर्व आदिवासी समाज के लोगो ने कार्यपालन अभियंता उमाशंकर राम के लिए निवेदन किया है कि, घोषणा दिनांक को उमाशंकर राम उस जिले में पदस्थ नहीं थे,बल्कि कार्यपालन अभियंता (रूपांकर) एवं यांत्रिकीय प्रशासनिक अधिकारी, कार्यालय मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अंबिकापुर सरगुजा में कार्यरत थे।
कार्यपालन अभियंता उमाशंकर राम 17 मार्च 2022 से घोषणा दिनांक 5 मई 2022 तक अर्थात एक माह 19 दिन पूर्व ही कार्यपालन अभियंता जल संसाधन संभाग क्रमांक 2 रामानुजगंज जिला-बलरामपुर-रामानुजगंज छत्तीसगढ़ से कार्य मुक्त हो चुके थे।
कार्यपालन अभियंता उमाशंकर राम को भू अर्जन अधिकारी के कर्तव्य एवं निर्वाहन हेतु कोई जिम्मेदारी उस अवधि में 17 मार्च 2022 से 5 मई 2022 तक नहीं सौंप गई है।

आपके जन चौपाल स्थल पर भ्रमण कार्यक्रम के दौरान कुछ सदस्यों द्वारा भू अर्जन प्रकरणों के निराकरण एवं शासकीय आदेशों का उलंघन, कदाचरण, संबंधित जानकारी उमाशंकर राम के विरुद्ध भ्रामक एवं षड्यंत्र रूप में दी गई है, जिसके लिए उमाशंकर राम जिम्मेदार नहीं है। उमाशंकर राम के द्वारा उस क्षेत्र में भू अर्जन के निराकरण एवं शासकीय आदेशों का पालन ईमानदारी एवं निष्ठा पूर्वक लोकहित में की गई थी।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत 4 मई 2022 को मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री दुबे को निलंबित किया गया था, जिसे नगरीय प्रशासन विभाग के द्वारा 4 नवंबर 2022 को बहाल किया गया है, इसी प्रकार से सूरजपुर जिले के अंतर्गत वन विभाग के मनीष कश्यप डीएफओ, बिएस भगत डीएफओ तथा संस्कृति बारले रेंजर को 6 मई 2022 को सभा स्थल मंच पर निलंबन की घोषणा मुख्यमंत्री के द्वारा किया गया था, इनके प्रकरण में वन विभाग के द्वारा त्वरित निराकरण करते हुए 04 अक्टूबर 2022 तथा 05 दिसंबर 2022 और 05 अगस्त 2022 को अर्थात 05 महीने में निर्णय लिया गया था, लेकिन उमाशंकर राम कार्यपालन अभियंता को निलंबन किए हुए 01 वर्ष 03 माह व्यतीत हो चुके हैं, अभी तक जल संसाधन विभाग के द्वारा निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे बलरामपुर जिला ही नहीं,पूरा सरगुजा संभाग की जनता आक्रोशित है, जल संसाधन विभाग के द्वारा उमाशंकर राम तत्कालीन कार्यपालन अभियंता जल संसाधन संभाग क्रमांक 02 रामानुजन के विरुद्ध अधिरोपित, आरोपो एवं आरोपो से संबंधित अभिकथन पत्र, गवाहों की सूची 26 जुलाई 2022 को जारी किया गया था, जिसके द्वारा उमाशंकर राम के समय पर प्रस्तुत किया गया है, जिसका परीक्षण करते हुए जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता, मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता के द्वारा दोष मुक्त करते हुए, निलंबन से बहाल करने हेतु सचिवालय में माह अप्रैल 2023 में ही प्रस्तुत कर चुके हैं।
वही सभा स्थल पर कनहर नदी पर उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा निर्माणाधीन अमवार अंतर्राजीय सिंचाई परियोजना में छत्तीसगढ़ राज्य को परिसंपत्ति वन भूमि, राजस्व भूमि, निजी भूमि, के पुनर्वास एवं पुनर व्यवस्थापन के संबंध में चर्चा हुई है, जिसका वित्तीय संचालन राशि सहित खाता कार्यपालन अभियंता जल संसाधन संभाग बैकुंठपुर जिला कोरिया छत्तीसगढ़ से आज दिनांक तक हो रहा है।
कार्यपालन अभियंता उमाशंकर राम अपने शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन के साथ,साथ, समाज विकास समिति आदिवासी सरगुजा छत्तीसगढ़ के संभागीय अध्यक्ष, सर्व आदिवासी समाज जिला-बलरामपुर-रामानुजन के संरक्षक,माता राजमोहिनी सेवा समिति के कार्यकारी अध्यक्ष पद में भी, सुशोभित हैं, तथा सरगुजा संभाग में बेहतर सामाजिक कार्यकर्ता हैं, उनके निलंबन से स्वयं उमाशंकर राम तथा जन मानस, सर्व समाज अपमानित महसूस कर रहा है, छत्तीसगढ़ राज्य में जल संसाधन विभाग के अंतर्गत जन संपर्क अभियान, भेंट मुलाकात कार्यक्रम के अंतर्गत अकेले ही निलंबित हैं, जिसे जल संसाधन विभाग आज तक निराकृत नहीं कर पाया है,
(एक कहावत चरितार्थ हो रहा है, यहां अच्छा करो बुरा बानो जैसा कहावत चरितार्थ होता है) उमाशंकर राम कार्यपालन अभियंता के द्वारा अपने विरुद्ध अधिरोपित आरोपो के जवाब, लोक दस्तावेजों, अभीप्रमाणित दस्तावेजों के आधार पर, तथ्यात्मक जानकारी विभाग से मांग अनुसार प्रस्तुत किए हैं, कई प्रकरणों में निराकरण लंबित है,विभाग में उनके अभ्यावेदन को अस्वीकार करने पर ओ न्यायालय के शरण में आवेदन किए हैं,जिसमें न्यायालय के द्वारा अंतरिम राहत प्राप्त हुई है।
उपरोक्त प्रतिस्पर्धा कार्यपालन अभियंता से अधीक्षण अभियंता पद में पदोन्नति के संबंध में फरवरी 2016 से हुई है,तब उमाशंकर राम के द्वारा अप्रैल 2020 से दिसंबर 2022 तक न्यायालय के शरण में उन परिस्थितियों में जाना पड़ा था, वह हमेशा मुख्यालय में निवास करते हुए, लोग हित में कार्य को संचालित करने के लिए सुबह 10:00 बजे कार्यालय में उपस्थिति, सुनिश्चित करने के लिए प्रार्थना आयोजित करते थे।
क्षेत्र के ग्रामीणों ने तत्कालीन कार्यपालन अभियंता उमाशंकर राम को दोष मुक्त करते हुए, निलंबन से बहाल कर, प्रभारी अधीक्षक अभियंता के रिक्त पद पर पदस्थ करने की मांग की है, उमाशंकर राम अनुसूचित जनजाति संवर्ग का अधिकारी है, भूल व त्रुटि के लिए उमाशंकर राम तत्कालीन कार्यपालन अभियंता ने, राज्य सरकार से क्षमा प्रार्थी भी है।
उमाशंकर राम कार्यपालन अभियंता 21 दिसंबर 2009 से हैं, उनके बैच के मैक्सी मिलियन कुजूर प्रभारी अधीक्षक अभियंता, बोध घाट परियोजना मंडल रायपुर, राजीव वर्मा प्रभारी अधीक्षक अभियंता श्याम बरनई परियोजना मंडल अंबिकापुर 6 फरवरी 2013 नरेश चंद्र सिंह प्रभारी अधीक्षक अभियंता जल संसाधन मंडल बलरामपुर, 6 फरवरी 2013 सतीश कुमार टीकम प्रभारी अधीक्षक अभियंता जल संसाधन मंडल रायपुर,संजय शर्मा प्रभारी अधीक्षक अभियंता मिनीमाता बांगो परियोजना मंडल रामपुर कोरबा में 2021 के पदस्थ हैं।
वही अनुसूचित जनजाति संवर्ग के लोगों ने उमाशंकर राम को भी प्रकरण से दोष मुक्त करते हुए प्रभारी अधीक्षक अभियंता के पद पर पदस्थ करने की मांग राज्य की भूपेश बघेल सरकार से की है।
उमाशंकर राम के द्वारा सिंचाई परियोजना के नवीन योजनाओं का सर्वेक्षण कर विस्तृत सर्वेक्षण प्रकरण प्रस्तुत किए हैं, क्षेत्र के अंतर्गत कनहर नदी पर निर्माणाधीन खुटपाली व्यापारवर्तन योजना, झारखंड सरकार के द्वारा प्रस्तावित खुरई बैराज परियोजना तथा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित निर्माणाधीन कनहर सिंचाई परियोजना, अंतर्राजिय सर्वेक्षण, छत्तीसगढ़ राज्य के प्रभावित वन भूमि, राजस्व भूमि, शासकीय संपत्ति, निजी भूमिका का आकलन कर, भू अर्जन एवं पुनर्वास प्रकरण तथा सम्यक तैयार कर स्वीकृत करना, अपने सेवा काल में इंदिरा सागर परियोजना, मध्य प्रदेश शासन, आंध्र प्रदेश सरकार के द्वारा निर्मित ओलावरम अंतर्राजीए परियोजना, महान नदी परियोजना, गंगरेल बांध में भी बेहतर कार्य, बृहद परियोजनाओं में सफलतापूर्वक कर चुके हैं।
उमाशंकर राम को बेहतर काम के लिए प्रोत्साहन अवार्ड इनाम देने के बजाय निलंबन किया गया है, जिससे सर्व आदिवासी समाज के लोगो के बीच आक्रोश उमड़ रहा है।
अब देखने वाली बात यह है कि, क्या खबर प्रशासन के बाद भी, छत्तीसगढ़ राज्य के मुखिया, भूपेश बघेल सरकार, तथा विभागीय मंत्री अनुसूचित जनजाति संवर्ग के लोगों के बीच का एक आदिवासी अधिकारी, कर्मचारी के ऊपर अपनी कृपा बनाते भी है या नहीं।
