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बहुचर्चित विराट सराफ अपहरण कांड: हाईकोर्ट ने आरोपियों की अपील की खारिज 

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बिलासपुर। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की युगलपीठ ने शहर के चर्चित मासूम विराट सराफ अपहरण कांड मे अपील ख़ारिज करते हुए पांचो आरोपियों को निचली अदालत का उम्रकैद का फैसला बरकरार रखा।

कोर्ट ने कहा फिरौती के लिए किडनैपिंग, क्रिमिनल साज़िश रची गई।सरकारी वकील ने यह साबित कर दिया कि आरोपियों ने साज़िश को आगे बढ़ाते हुए, फिरौती के लिए नाबालिग बच्चे को किडनैप किया। इसके खिलाफ पक्के और भरोसेमंद मौखिक सबूत, पहचान पत्र, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जिसमें कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और साइबर एनालिसिस रिपोर्ट शामिल हैं, जो आरोपियों के जुर्म को आपस मे जोड़ता था। इस अपहरण कांड की मास्टर माइंड विराट की चाची नीता सराफ थी। जिसने कर्ज से मुक्ति पाने और रुपयों के लालच मे आकर अपराध मे बाकि लोगो को भी शामिल किया।

पहले उसने सत्यनारायण सराफ के बेटे के अपहरण की योजना बनायी मगर वह परिवार शहर से बाहर गया, बाद मे टारगेट बदलकर विराट को अगवा किया।

उल्लेखनीय है कि 20 अप्रैल 2019 को कश्यप कालोनी निवासी व्यापारी विवेक सराफ का पुत्र विराट सराफ घर के पास अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था। तभी एक कार मे आये कुछ लोग उसे जबरदस्ती लेकर चल दिए।

उससे पहले आरोपियों राजकिशोर सिंह, हरेकृष्ण और सतीश शर्मा के साथ रेकी कर पीड़ित विराट को पहचाना। प्लान के मुताबिक रेलवे स्टेशन के पास बालक को पहले से खड़ी डस्टर कार मे डाल दिया। उसे पन्ना नगर, जरहाभाटा, बिलासपुर में राजकिशोर सिंह के घर ले गए जहाँ उसे एक कमरे में बंद कर दिया। हरेकृष्ण ने पीड़ित विराट की आवाज में फिरौती की मांग अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर ली। अगले दिन बच्चे की सलामती चाहने की बात कहते हुए 6 करोड़ की मांग की गई थी। यह सुनकर विवेक सराफ सिटी कोतवाली थाने पहुंचे और बेटे के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करायी।

इस हाईप्रोफ़ाइल किडनैइपिंग से पुलिस महकमे मे हलचल मचा दी।शहर भर में नाकेबंदी की गई। जगह जगह के सीसीटीवी फुटेज देखा गया। मोबाइल नम्बर व अन्य साक्ष्य की जांच की बाद पुलिस ने बच्चे के अपहरणकांड की मास्टरमाइंड विराट की बड़ी माँ नीता सराफ तक पहुँची। इसके बाद बच्चे को पन्ना नगर जरहाभाठा के मकान से बरामद किया गया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी नीता सराफ, राजकिशोर, अनिल, सतीश , हरेकृष्ण कुमार को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया। न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषसिद्धि पर आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई।

सजा के खिलाफ आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील पेश की। हाईकोर्ट ने आरोपियों की सजा को यथावत रखते हुए अपील खारिज किया है।

 

कोर्ट ने आदेश कहा प्रॉसिक्यूशन द्वारा फॉरेनसिक मोबाईल ट्रांस्क्रिप्ट लोकेशन CCTV फुटेज,और बाकि पक्के साक्ष्य साबित किए गए हालात की पूरी चेन से, यानी आरोपियों के बीच मकसद और पहले की साज़िश, वैगन-R गाड़ी में बच्चे को किडनैप करना, गाड़ी की मूवमेंट को कन्फर्म करने वाला पीड़ित और दूसरे गवाहों द्वारा आरोपियों की पहचान, आरोपी राजकिशोर सिंह के घर से पीड़ित की रिकवरी, आरोपियों से अपराध साबित करने वाली चीज़ों की रिकवरी, इलेक्ट्रॉनिक सबूत जिसमें CDRs, टावर लोकेशन, IMEI लिंकेज और इंटरसेप्ट की गई बातचीत शामिल हैं, फिंगरप्रिंट जांच और फोरेंसिक एनालिसिस शामिल है, सभी एक पूरी और बिना टूटी चेन बनी है जो सिर्फ आरोपियों के गुनाह की ओर साफ इशारा करती है।

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