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millionaire worms: इस कीड़े की करोड़ों रुपये है कीमत, करोड़पति बनाने वाला है कीड़ा, जानिए इसके बारे में

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millionaire worms: आज हम आपके लिए ऐसी जानकारी लेकर आएं हैं। जिसे आपका मन मानने को कतई तैयार नहीं होगा। जी हां, आज हम आपको ऐसी ही जानकारी देने जा रहे हैं। महंगी से महंगी चीजों के बारे में आप लोगों ने अवश्य सुना होगा। लेकिन क्या आप लोगों ने करोड़ों रुपये के कीड़े के बारे में सुना है। आज ऐसे ही कीड़े के बारे में बताने जा रहे हैं। जो एक मिल जाये तो आप करोड़पति बन सकते हैं।

millionaire worms : यूं कहें तो यह कीड़ा आपको करोड़पति बनाना वाला कीड़ा है। कीड़े को देखते ही आपके मन घिन की स्थिति निर्मित हो जाती है। परंतु इस किड़े को देखकर आपको घिन नहीं आने वाली है। यह कीड़ा आपके सोये भाग्य जगाने वाला साबित हो सकता है। यह कीड़ा आपको मिल गया तब समझ लें, आपके द्वार लक्ष्मी दस्तक देने जा रही है।

millionaire worms : आप लोगों ने अभी तक किसी कीड़े की कीमत 65 लाख रुपये नहीं सुनी होगी। सुनने में यह अजीब अवश्य लग रहा है। स्टैग बीटल को दुनिया का सबसे महंगा कीड़ा माना जाता है। इसे पृथ्वी का सबसे महंगा कीड़ा होने का गौरव हासिल है। कुछ साल पहले एक जापानी ब्रीडर ने स्टैग बीटल 89,000 डॉलर (आज के प्राइस में लगभग 65 लाख रुपये) में बेचा था। इसका औसत आकार 2 से 3 इंच का बताया जाता है।

millionaire worms : आज हम करोड़पति बनाने वाले इस कीड़े के बारे में और जानने का प्रयास करते हैं। स्टैग बीटल ब्लैक शाइनी सिर से निकलने वाले होते हैं। ये चमकदार होते हैं। स्टैग बीटल से कई प्रकार की दवाइयां भी बनाई जा रही है। स्टैग बीटल्स में मैंडीबल्स होते हैं, ये इन्हें काटने के लिए उपयोग नहीं करते हैं। बल्कि इनका इस्तेमाल अन्य मेल प्रतिद्वंद्वियों को डराने और उनसे कुश्ती करने में करते हैं।

स्टैग बीटल के बारे में कहा जाता है ये सड़ती हुई लकड़ी को को अपना भोजन बनाते हैं। वयस्क स्टैग बीटल फलों के रस, पेड़ के रस और पानी पर जीवित रहते हैं। स्टैग बीटल की जीभ नारंगी रंग की होती है। वयस्क स्टैग बीटल ठोस लकड़ी को नहीं खा सकते हैं। वे लार्वा अवधि के दौरान निर्मित अपने वसा भंडार पर भरोसा करते हैं।

एक वयस्क स्टैग बीटल का लाइफ ज्यादा लंबा नहीं होता है। करीब महीनेभर जीवित रह सकता है। स्टैग बीटल अपना अधिकांश जीवन भूमिगत रहकर ही गुजारते हैं। क्योंकि उनका अधिकांश जीवन चक्र लार्वा होता है। वे तीन से सात साल का वक्त कहीं भी बिता सकते हैं। क्योंकि इस अवधि के दौरान लार्वा से वयस्क विकसित हो रहे होते हैं। हालांकि यह समय मौसम पर निर्भर करता है।

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