सुधीर तिवारी / बिलासपुर / के पुराना बस स्टैंड हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित श्री राम रसोई। विश्व हिंदू परिषद और अन्य समाजसेवी संगठनों ने मिलकर इसका शुभारंभ 1 साल पहले किया था। 15 जनवरी 2022 से यह सेवा निरंतर चली आ रही है।श्री राम रसोई का संचालन करने वाले ज्यादातर विश्व हिंदू परिषद से जुड़े सदस्यों है। यहां अन्य लोग भी अपनी सेवा समय-समय पर प्रदान करते हैं, भोजन सेवा आरंभ करने से पहले प्रतिदिन यहां हनुमान चालीसा का पाठ होता है। समिति के सदस्यों का ऐसा मानना है कि हनुमान चालीसा का पाठ करने के बाद यह भोजन प्रसाद बन जाता है, और इस भोजन का अलग ही आनंद होता है। यह भी एक कारण है कि यहां जरूरतमंदों के अलावा अधिक संख्या में और भी लोग भोजन ग्रहण करने आते हैं।श्री राम रसोई में एक तरफ जहां दानदाता शुभ अवसरों पर आर्थिक सहायता प्रदान कर रहे हैं तो वही तुलादान के माध्यम से लोग अपने वजन के बराबर अन्न दान कर राम रसोई के संचालन में सहयोग भी कर रहे हैं। केवल भोजन बनाने और परोसने तक यह सेवा सीमित नहीं है , बल्कि परिसर की साफ-सफाई, श्री राम रसोई के फर्नीचर को व्यवस्थित करने और फिर उसे समेटने में भी स्वयंसेवक निस्वार्थ भाव से जुटे हुए हैं। रोजाना दोपहर 12:00 से 2:00 या भोजन समाप्त होने तक श्री राम रसोई में भोजन सेवा प्रदान की जाती है । बीते 1 वर्ष में श्री राम की रसोई सेवा समिति ने लगभग 9500 थालियां परोस कर अद्भुत उपलब्धि पाई है। राम की रसोई का संचालन करने वाले समिति के सदस्यों का मानना है किजरूरतमंदों को भोजन करा कर जिस आत्मिक शांति और तृप्ति की प्राप्ति होती है वह अनमोल है। यहां अन्य लोग भी समय-समय पर सेवा प्रदान करने पहुंचते हैं। भोजन सेवा आरंभ करने से पहले प्रतिनिधि यहां हनुमान चालीसा का पाठ होता है, जिससे भोजन मात्र भोजन नहीं रहता, बल्कि प्रसाद बन जाता है, और फिर प्रसाद ग्रहण करने का आनंद ही कुछ और है। यही कारण है कि ढेरों लोग रोज श्री राम रसोई में प्रसाद स्वरूप भोजन प्राप्त करने पहुंच जाते हैं। समिति के सदस्यों ने इसके लिए जहां बिलासपुर शहर और यहां के दानदाताओं का आभार व्यक्त किया है वहीं निरंतर सेवा को गतिमान रखने का भी संकल्प लिया।मात्र ₹10 प्रति थाली मैं यहां लोगों को भोजन कराया जाता है, आज के दौर में एक थाली की कीमत कई अधिक है परंतु कम से कम मैं स्वादिष्ट और भरपूर भोजन श्री राम रसोई द्वारा कराया जाता है।



