CG CRIME NEWS: Theft of 1 crore exposed, 9 accused arrested
दुर्ग : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के वैशाली नगर थाना क्षेत्र में एक महिला डॉक्टर के सूने मकान से करीब एक करोड़ रुपये की नकदी और कीमती आभूषण चोरी होने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। दुर्ग पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने इस सनसनीखेज चोरी का खुलासा करते हुए नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, चोरी में शामिल आरोपियों ने नकदी और आभूषणों को छिपाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए थे। किसी ने घर के फर्श के नीचे गड्ढा बनाकर चोरी की रकम और गहने छिपाए, तो किसी ने चोरी के पैसों से कार, मोटरसाइकिल खरीदी और मकान की मरम्मत कराई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 47 लाख 64 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण और चोरी की रकम से खरीदे गए वाहन बरामद किए हैं। हालांकि मामले का मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वैशाली नगर थाना क्षेत्र के सुंदर नगर निवासी डॉक्टर नमिता मित्तल ने चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 17 अक्टूबर को वह अपने परिवार के साथ घर में ताला लगाकर एक सप्ताह के लिए बाहर गई थीं। जब 23 अक्टूबर की सुबह वापस लौटीं, तो घर के अंदर अलमारी में रखी नकदी, सोने-चांदी और डायमंड के कीमती आभूषण गायब मिले। चोरी की जानकारी मिलते ही उन्होंने वैशाली नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(4) और 305 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों और क्षेत्र में सक्रिय आपराधिक तत्वों के बारे में जानकारी जुटाई गई। इसी दौरान पुलिस को वैशाली नगर क्षेत्र के राहुल बंसोड़ के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिला। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद से वह फरार था।
पुलिस टीम ने राहुल बंसोड़ की तलाश में महाराष्ट्र के गोंदिया और नागपुर में दबिश दी। जांच के दौरान उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और भदोही क्षेत्र में चोरी से जुड़े आरोपियों की मौजूदगी की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस की विशेष टीम उत्तर प्रदेश रवाना हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी लगातार प्रयागराज और मिर्जापुर के बीच अपना ठिकाना बदल रहे थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए गंगा नदी के एक किनारे से दूसरे किनारे तक नाव से आवाजाही करने की जानकारी भी सामने आई।
स्थानीय पुलिस के सहयोग से अलग-अलग टीमें बनाकर घेराबंदी की गई। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने प्रदीप कुमार चौधरी को पकड़ लिया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में प्रदीप ने चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
उसकी निशानदेही पर घर के कमरे में फर्श के नीचे छिपाई गई नकदी और सोने के आभूषण बरामद किए गए। चोरी की रकम और गहनों को इस तरह छिपाया गया था कि सामान्य तलाशी में उनका पता लगाना मुश्किल हो सकता था। जांच के दौरान चोरी के आभूषण खरीदने वाले एक ज्वेलर्स की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के अनुसार, प्रदीप कुमार चौधरी ने अपने हिस्से के कुछ सोने के आभूषण भदोही स्थित वैष्णवी ज्वेलर्स के संचालक सोनू जायसवाल को कम कीमत पर बेचे थे। पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि कुछ आभूषणों को भट्टी में गलाकर उनका स्वरूप बदल दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने ज्वेलर्स संचालक को भी गिरफ्तार कर लिया।इसी मामले में प्रदीप के रिश्तेदार सुजीत सिंह उर्फ बाबू की भूमिका भी सामने आई।
पुलिस के अनुसार, उसने चोरी के आभूषणों की बिक्री कराने, चोरी का माल खपाने और आरोपियों की मदद करने में सहयोग किया था। इसके बदले उसे लाखों रुपये मिलने की जानकारी जांच में सामने आई है। पुलिस जांच में यह भी पता चला कि प्रदीप कुमार चौधरी ने चोरी की रकम का इस्तेमाल अपने निजी कार्यों में किया। उसने घर में बोरिंग करवाने, मकान की मरम्मत कराने और मोटर पंप लगवाने में पैसे खर्च किए। इसके अलावा करीब एक लाख रुपये की नई सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी खरीदी। पुलिस ने उक्त मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया है। वहीं मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ के संबंध में पुलिस को जानकारी मिली कि वह घटना के बाद भिलाई से गोंदिया, नागपुर, मिर्जापुर और प्रयागराज होते हुए दिल्ली पहुंचा था। पुलिस के मुताबिक, उसने चोरी की रकम से अपने उपयोग के लिए एक सेकंड हैंड एक्सयूवी कार खरीदी। बाद में वह इसी वाहन से भिलाई वापस आया। हालांकि पुलिस की घेराबंदी की भनक लगने पर वह सुपेला चौक के आसपास वाहन छोड़कर फरार हो गया।
चोरी का माल रिश्तेदारों के पास रखा जांच में सामने आया कि राहुल ने चोरी की नकदी और सोने-चांदी के आभूषण अपने माता-पिता तथा भाई के पास छिपाकर रखे थे। पुलिस के अनुसार, उसने अपने भाई आयुष बंसोड़ और परिचितों को इनोवा वाहन की व्यवस्था कर चोरी का माल राजनांदगांव-नागपुर मार्ग की ओर ले जाने के लिए कहा था। इसके बाद आयुष बंसोड़, रेखचंद्र देवांगन, आकाश कुमार श्रीपाद और अमन सिंह की भूमिका सामने आई। पुलिस ने संभावित रास्तों पर अलग-अलग टीमों को तैनात कर घेराबंदी की। रात करीब तीन बजे चोरी का माल लेकर निकल रहे संदिग्धों को पुलिस ने आगे और पीछे से वाहनों के माध्यम से घेरकर रोक लिया। इस कार्रवाई में आरोपियों को पकड़कर उनके कब्जे से इनोवा वाहन, नकदी और सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, राहुल बंसोड़ के माता-पिता और भाई की भूमिका चोरी के माल को छिपाने तथा चोरी की रकम का घरेलू खर्चों में इस्तेमाल करने से संबंधित पाई गई। वहीं अन्य सहयोगियों पर चोरी का माल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और मुख्य आरोपी को पुलिस से बचाने में मदद करने का आरोप है। गिरफ्तार किए गए 9 आरोपी
1. प्रदीप कुमार चौधरी (20 वर्ष) निवासी भदोही, उत्तर प्रदेश, वर्तमान पता वृंदा नगर, वैशाली नगर, भिलाई। 2. सुजीत सिंह (32 वर्ष) निवासी नारायणपुर, थाना औराई, जिला मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश। 3. सोनू जायसवाल (37 वर्ष) निवासी राजपुरा, भदोही, उत्तर प्रदेश। वैष्णवी ज्वेलर्स का संचालक। 4. रविन्द्र बंसोड़ (49 वर्ष) निवासी बाबादीप सिंह नगर, वैशाली नगर, भिलाई। 5. किरण बंसोड़ (48 वर्ष) निवासी बाबादीप सिंह नगर, वैशाली नगर, भिलाई। 6. आयुष बंसोड़ (29 वर्ष) निवासी बाबादीप सिंह नगर, वैशाली नगर, दुर्ग। 7. रेखचंद्र देवांगन (26 वर्ष) निवासी बाबादीप सिंह नगर, वैशाली नगर, दुर्ग। 8. आकाश कुमार श्रीपाद (26 वर्ष) निवासी हाउसिंग बोर्ड, वैशाली नगर, दुर्ग। 9. अमन सिंह (25 वर्ष) निवासी वृंदा नगर, कैंप-01, दुर्ग। पुलिस ने ये सामान किया बरामद नकदी ₹47,64,000 सोने के आभूषण कंगन, चेन, लॉकेट एवं अन्य गहने चांदी आभूषण एवं चांदी के बिस्किट एक्सयूवी कार चोरी की रकम से खरीदी गई सुपर स्प्लेंडर बाइक चोरी की रकम से खरीदी गई इनोवा वाहन चोरी का माल ले जाने में प्रयुक्त इलेक्ट्रॉनिक तराजू 2 नग इलेक्ट्रॉनिक उपकरण DVR, डेल लैपटॉप, टैबलेट, पेटीएम मशीन और पावर बैंक मोबाइल फोन कुल 7 नग मुख्य आरोपी अभी भी फरार पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही हैं। मामले में चोरी के आभूषणों की बिक्री, उन्हें गलाकर स्वरूप बदलने और चोरी की रकम के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

