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CG News: पेवर ब्लॉक घोटाले में बड़ा ट्विस्ट! 7 अभियंताओं को हाईकोर्ट से राहत

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CG News: Big twist in the paver block scam! High Court grants relief to 7 engineers of Bhilai Municipal Corporation

बिलासपुर। नगर निगम भिलाई में कार्यरत अभियंताओं के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई थी। हाईकोर्ट ने वसूली आदेश और कारण बताओ नोटिस पर रोक लगा दी है।

29 अनुबंधों की जांच में मिली गड़बड़ी

दरअसल, नगर पालिका निगम भिलाई की परियोजना शाखा के अंतर्गत कराए गए पेवर ब्लॉक के कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायत के संबंध में जांच प्रतिवेदन के अनुसार, पेवर ब्लॉक के 29 अनुबंधों की जांच में मौके पर कम मात्रा पाई गई। इस संबंध में समस्त कार्यों पर माप दर्ज करने वाले अभियंताओं तथा कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई और अधिक राशि की वसूली करने के लिए कलेक्टर जिला दुर्ग द्वारा आयुक्त नगर पालिका निगम भिलाई को पत्र जारी किया गया।

उक्त पत्र के परिपालन में मुख्य अभियंता नगर पालिका निगम भिलाई द्वारा नगर पालिका निगम में उप अभियंता के पद पर पदस्थ अर्पित बंजारे, चंदन निर्मल, श्वेता महेश्वर, पुरुषोत्तम सिन्हा, रीमा हुमने, कृष्ण कुमार जंघेल और सहायक अभियंता श्वेता वर्मा के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। उपरोक्त आदेशों और कारण बताओ नोटिस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने रोक लगा दी है।

 

2023-24 में जारी हुए थे निर्माण कार्यों के आदेश

याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति नगर पालिका निगम में उप अभियंता, तत्पश्चात सहायक अभियंता के पद पर हुई थी। वर्ष 2023 एवं 2024 में नगर पालिका निगम भिलाई द्वारा टेंडर की आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करने तथा आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने के पश्चात नगर निगम क्षेत्र की विभिन्न सड़कों, फुटपाथों एवं चौक-चौराहों पर पेवर ब्लॉक के निर्माण हेतु विभिन्न ठेकेदारों को कार्यादेश जारी किए गए थे। उक्त निर्माण कार्य निगम की निधि के साथ-साथ 15वें वित्त आयोग के अनुदान से भी कराए गए थे। निर्माण कार्यों के निष्पादन के उपरांत सक्षम अधिकारियों द्वारा उक्त कार्यों का समुचित निरीक्षण कर सत्यापन के पश्चात ठेकेदारों को विधिवत भुगतान किया गया।

 

किंतु नगर निगम भिलाई की परियोजना शाखा के अंतर्गत कराए गए पेवर ब्लॉक के कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायत होने पर कलेक्टर दुर्ग द्वारा आयुक्त नगर निगम भिलाई को 3 सितंबर 2026 को पत्र जारी किया गया। भ्रष्टाचार की शिकायत के संबंध में लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, दुर्ग के कार्यपालन अभियंता से संयुक्त जांच कराई गई, जिसमें 16,85,457 रुपये का अधिक भुगतान दर्ज पाया गया।

 

प्रतिवेदन के अनुसार पेवर ब्लॉक के 29 अनुबंधों की जांच में से 21 अनुबंधों में विभिन्न स्थानों पर माप पुस्तिका में अधिक मात्रा दर्ज की गई, जबकि मौके पर कम मात्रा पाई गई। इस संबंध में उक्त कार्यों पर माप दर्ज करने वाले दोषी अभियंताओं के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई और अधिक राशि की वसूली कराने हेतु पत्र जारी किया गया। इसके बाद मुख्य अभियंता नगर पालिका निगम भिलाई द्वारा याचिकाकर्ताओं के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

 

उपरोक्त आदेशों और कारण बताओ नोटिस से व्यथित होकर अर्पित बंजारे व अन्य उप अभियंताओं ने हाई कोर्ट के अधिवक्ता सिबाशीष मिश्रा के माध्यम से याचिका प्रस्तुत की। याचिका की सुनवाई न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु के समक्ष हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी और अधिवक्ता जैनब मुस्तफा वनक ने यह आधार लिया कि विभाग द्वारा शिकायत के संबंध में जो जांच की गई थी, उसमें याचिकाकर्ताओं ने भाग भी नहीं लिया था। विभाग द्वारा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किए बिना याचिकाकर्ताओं के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करना गलत है।

 

यह भी कहा गया कि संपूर्ण कार्रवाई पूर्व निर्धारित मानसिकता के आधार पर शुरू की गई है, क्योंकि उक्त पत्राचार में स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया था कि दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई शुरू करने के संबंध में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। याचिकाकर्ताओं की ओर से तर्क दिया गया कि वसूली एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने का निर्देश पहले ही जारी किया जा चुका था। ऐसे में याचिकाकर्ताओं को अपना पक्ष रखने का अवसर देना केवल ऐसे निर्णय के विरुद्ध बचाव प्रस्तुत करने का अवसर होगा, जो उनकी बात सुने जाने के पूर्व ही लिया जा चुका है।

 

हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से मांगा जवाब

उपरोक्त आधारों पर माननीय न्यायालय ने कलेक्टर दुर्ग के 3 सितंबर 2026 के पत्र में उल्लिखित कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई एवं अधिक राशि की वसूली के निर्देश तथा मुख्य अभियंता नगर पालिका निगम भिलाई द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस पर रोक लगा दी। साथ ही उत्तरवादी नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव, कलेक्टर दुर्ग, नगर निगम भिलाई के आयुक्त, मुख्य अभियंता और कार्यपालन अभियंता को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया।

 

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