Industrial Visit by Mats School of Sciences Students to Vachan Milk
रायपुर: मैट्स यूनिवर्सिटी, रायपुर के स्कूल ऑफ साइंसेज द्वारा विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान से व्यावहारिक एवं औद्योगिक अनुभव से जोड़ने के उद्देश्य से वचन मिल्क में औद्योगिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस शैक्षणिक भ्रमण में स्कूल ऑफ साइंसेज के बी.एससी. एवं एम.एससी. कार्यक्रमों के कुल 48 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों के साथ डॉ. शिशिर विंद शर्मा एवं डॉ. श्रद्धा वैष्णव उपस्थित रहे।
एमएटीएस यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया, महानिदेशक श्री प्रियेश पगारिया, कुलपति प्रो. डॉ. के. पी. यादव तथा कुलसचिव श्री गोकुलानंद पांडा के मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन से आयोजित इस औद्योगिक भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को डेयरी उद्योग की कार्यप्रणाली से परिचित कराना तथा उनके अकादमिक ज्ञान को वास्तविक औद्योगिक प्रक्रियाओं से जोड़ना था। स्कूल ऑफ साइंसेज के विभागाध्यक्ष डॉ. आशीष सराफ ने भी विद्यार्थियों के इस प्रकार के व्यावहारिक एवं उद्योगोन्मुखी शैक्षणिक अनुभव को महत्वपूर्ण बताया।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने दूध के संग्रहण एवं गुणवत्ता परीक्षण, फिल्ट्रेशन, पाश्चुरीकरण, होमोजेनाइजेशन, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, भंडारण एवं वितरण जैसी विभिन्न प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। उन्हें डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा बनाए रखने में गुणवत्ता नियंत्रण, खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, सैनिटेशन, कोल्ड-चेन एवं अपशिष्ट प्रबंधन के महत्व की जानकारी भी प्राप्त हुई।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने वाचन मिल्क के तकनीकी एवं संचालन से जुड़े कर्मचारियों के साथ संवाद किया तथा दूध की गुणवत्ता, प्रसंस्करण तकनीक, माइक्रोबियल सुरक्षा, पैकेजिंग, भंडारण एवं गुणवत्ता आश्वासन से संबंधित विषयों पर जानकारी प्राप्त की। इस संवाद ने विद्यार्थियों को डेयरी उद्योग की व्यावहारिक प्रक्रियाओं, चुनौतियों एवं पेशेवर आवश्यकताओं को समझने में सहायता की।
औद्योगिक भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों को बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, जूलॉजी एवं संबद्ध विज्ञानों में अर्जित ज्ञान के औद्योगिक अनुप्रयोग को समझने का अवसर मिला। साथ ही, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी एवं संबद्ध क्षेत्रों में उपलब्ध कैरियर अवसरों के प्रति उनकी जागरूकता बढ़ी।
यह औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए एक उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक अनुभव रहा, जिसने उनके व्यावहारिक ज्ञान, औद्योगिक जागरूकता और कक्षा-कक्षीय शिक्षा को वास्तविक औद्योगिक कार्यप्रणाली से जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

