BREAKING CG NEWS

अवैध शराब के खेल पर मंत्री सख्त! आबकारी अधिकारी को किया सस्पेंड

Share this

Minister cracks down on liquor-related irregularities; excise official suspended.

कांकेर। जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र में अवैध शराब से जुड़े मामले ने बड़ा रूप ले लिया है। एक किराए के मकान से हजारों खाली शराब की बोतल-पौवा, ढक्कन, स्टीकर और होलोग्राम मिलने के बाद राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने मामले में जिला आबकारी अधिकारी को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही प्लेसमेंट एजेंसी के दोषी कर्मचारियों को जेल भेजने और सेल्समैन तथा आबकारी इंस्पेक्टर के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री देवांगन ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि इतनी बड़ी गतिविधि बिना किसी मिलीभगत के संभव नहीं हो सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ओवररेटिंग और अवैध शराब से जुड़े मामलों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।

जांच में जो भी व्यक्ति गलत गतिविधियों में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।।दरअसल, भानुप्रतापपुर पुलिस ने ग्राम बसंत नगर, नारायणपुर स्थित एक किराए के मकान में दबिश देकर शराब से संबंधित सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक मौके से कुल 4409 खाली शराब की बोतल और पौवा, 105 पत्ता स्टीकर व होलोग्राम और 3380 ढक्कन बरामद हुए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में शराब से संबंधित सामग्री मिलने के बाद पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इसे किस उद्देश्य से जमा किया गया था। पुलिस ने आशंका जताई है कि इन सामग्रियों का इस्तेमाल अंग्रेजी शराब में मिलावट या अवैध तरीके से शराब तैयार करने में किया जा सकता था। हालांकि इसका वास्तविक उद्देश्य जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

पुलिस के अनुसार उत्तम देवनाथ के किराए के मकान के एक कमरे की तलाशी ली गई। कमरे में शराब से संबंधित बड़ी मात्रा में सामग्री लावारिस हालत में मिली। यहां से जम्मू स्पेशल व्हिस्की के 30 भरे पौवा भी बरामद किए गए। इनमें करीब 5.4 लीटर शराब होना बताया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 3 हजार 600 रुपये है। तलाशी के दौरान विभिन्न शराब ब्रांडों के स्टीकर और होलोग्राम भी मिले। इनमें क्यूआर कोड और होलोग्राम के 18 पत्ते, रॉयल स्टेज के 50 पत्ते, रॉयल चैलेंज के 38 पत्ते और मैकडॉवल नंबर-1 के 10 पत्ते सहित कुल 105 पत्ता स्टीकर और होलोग्राम बरामद किए गए। इनकी अनुमानित कीमत करीब 59 हजार 645 रुपये बताई गई है।

हजारों खाली बोतल-पौवा बरामद पुलिस की तलाशी में अलग-अलग ब्रांड की हजारों खाली बोतलें भी मिलीं। इनमें मैकडॉवल नंबर-1 के 2078 खाली पौवा, 411 खाली बोतल और 107 अद्धी शामिल हैं। इसके अलावा सिग्नेचर ब्रांड की 61 खाली बोतलें मिली हैं। आरएस के 367 पौवा, 121 बोतल और 95 अद्धी, आरसी के 964 पौवा और 87 बोतल तथा आईबी के 103 पौवा और 15 बोतल बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार विभिन्न ब्रांडों की कुल 4409 खाली बोतल-पौवा मौके से मिले हैं। इसके अलावा कार्टन में रखे 170 पेटी खाली पौवा और अलग-अलग ब्रांड के कुल 3380 ढक्कन भी मिले हैं। पुलिस ने मौके पर किसी व्यक्ति द्वारा इस सामग्री पर दावा नहीं किए जाने के कारण गवाहों की मौजूदगी में धारा 106 बीएनएसएस के तहत इसे जब्त किया है।

आरोपियों से पूछताछ में मिला था इनपुट पुलिस के मुताबिक शराब परिवहन से जुड़े आरोपियों से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर बसंत नगर स्थित मकान तक टीम पहुंची थी। इनपुट मिलने के बाद मकान की तलाशी ली गई, जहां बड़ी मात्रा में शराब से जुड़ी सामग्री मिली। अब जांच का प्रमुख बिंदु यह पता लगाना है कि हजारों खाली बोतलें, ढक्कन, स्टीकर और होलोग्राम किसने एकत्र किए थे। इन सामग्रियों को यहां रखने के पीछे क्या उद्देश्य था और इनका इस्तेमाल कहां किया जाना था, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके साथ ही पूरे मामले से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक निखिल अशोक कुमार राखेचा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश श्रीमाल के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में एसडीओपी भानुप्रतापपुर शेर बहादुर सिंह ठाकुर सहित पुलिस टीम के अधिकारी और जवान शामिल रहे।

मंत्री बोले- बिना मिलीभगत संभव नहीं

मामला सामने आने के बाद आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब से संबंधित सामग्री बरामद होना गंभीर विषय है। बिना मिलीभगत के इस तरह की गतिविधि संचालित होना संभव नहीं है। मंत्री ने जिला आबकारी अधिकारी को निलंबित करने, प्लेसमेंट एजेंसी के दोषी कर्मचारियों को जेल भेजने और संबंधित सेल्समैन व आबकारी इंस्पेक्टर के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। अब पुलिस के साथ आबकारी विभाग के स्तर पर भी मामले की जांच और कार्रवाई आगे बढ़ने की संभावना है। जांच का दायरा बढ़ने पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद सामग्री के पीछे कौन लोग सक्रिय थे और कहीं इसके तार किसी बड़े अवैध शराब नेटवर्क से तो नहीं जुड़े हैं।

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *