सारंगढ़-बिलाईगढ़, 8 सितंबर 2026। जिले में आम नागरिकों एवं विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाने के उद्देश्य से ‘साइबर जागृति अभियान’ लगातार जारी है। छत्तीसगढ़ पुलिस के निर्देशन में अभियान के चौथे चरण के तहत 6 से 12 सितंबर 2026 तक ‘स्मार्टफोन प्राइवेसी और सुरक्षित ब्राउज़िंग’ विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में मंगलवार को जिले के सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों के गांवों, शहरी सार्वजनिक स्थलों, स्कूलों और कॉलेजों सहित 128 से अधिक स्थानों पर जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में करीब 17,789 नागरिकों को साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
फर्जी लिंक और ऑनलाइन लालच से रहें सावधान
पुलिस टीमों ने विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को समझाया कि नौकरी दिलाने, पैसे डबल करने, इनाम या अन्य आकर्षक ऑफर के नाम पर भेजे जाने वाले संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर पैसों की मांग करने वालों से भी सावधान रहने की अपील की गई।
लोगों को स्मार्टफोन की प्राइवेसी सेटिंग्स मजबूत करने, निजी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करने तथा मॉर्फ्ड फोटो-वीडियो के जरिए होने वाले दुरुपयोग से सतर्क रहने की जानकारी दी गई।
सार्वजनिक वाई-फाई के इस्तेमाल में बरतें सावधानी
पुलिस ने बताया कि बस स्टैंड, कैफे एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर उपलब्ध अनजान या मुफ्त वाई-फाई नेटवर्क का इस्तेमाल करते समय सावधानी जरूरी है। ऐसे नेटवर्क पर बैंकिंग, वित्तीय लेन-देन या संवेदनशील पासवर्ड दर्ज करने से बचना चाहिए।
ऐप परमिशन की करें नियमित जांच
मोबाइल में नया ऐप डाउनलोड करते समय कैमरा, माइक्रोफोन, कॉन्टैक्ट्स और स्टोरेज जैसी परमिशन को बिना पढ़े अनुमति नहीं देने की सलाह दी गई। नागरिकों से कहा गया कि वे समय-समय पर मोबाइल की सेटिंग में जाकर यह जांचें कि किस ऐप को कौन-कौन सी अनुमति प्राप्त है।
स्क्रीन शेयरिंग फ्रॉड से रहें सतर्क
पुलिस ने AnyDesk, TeamViewer जैसे रिमोट एक्सेस ऐप के माध्यम से होने वाले स्क्रीन शेयरिंग फ्रॉड को लेकर भी लोगों को जागरूक किया। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर फोन की स्क्रीन शेयर न करने और अज्ञात ऐप इंस्टॉल नहीं करने की सलाह दी गई।
OTP, PIN और UPI PIN किसी से साझा न करें
जागरूकता कार्यक्रमों में स्पष्ट रूप से बताया गया कि OTP, ATM/डेबिट कार्ड नंबर, PIN, CVV, बैंक खाता विवरण और UPI PIN जैसी गोपनीय वित्तीय जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति को न दें। साथ ही संदिग्ध या अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचने की अपील की गई।
साइबर ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल
पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि यदि वे किसी साइबर ठगी के शिकार हो जाते हैं तो घबराने के बजाय तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें तथा नजदीकी थाना या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस के अनुसार, साइबर ठगी की सूचना जितनी जल्दी दी जाती है, उतनी ही जल्दी संबंधित लेन-देन पर कार्रवाई कर ठगी की रकम को होल्ड कराने की संभावना बढ़ती है। इसलिए घटना के बाद समय गंवाए बिना तत्काल शिकायत करना बेहद महत्वपूर्ण है।

