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BJP के दो नेताओं पर गिरी गाज! फर्जी ट्रांसफर आदेश मामले में 6 साल के लिए बाहर

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Axe falls on two BJP leaders! Expelled for six years over the fake transfer order case.

बलौदाबाजार। फर्जी स्थानांतरण आदेश के जरिए सरकारी कर्मचारी को मनचाहा ट्रांसफर दिलाने के मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद अब भाजपा ने भी अपने दो पदाधिकारियों के खिलाफ बड़ी संगठनात्मक कार्रवाई की है। भाजपा प्रदेश कार्यालय ने बलौदाबाजार जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी और जिला उपाध्यक्ष पुनीराम पटेल को पार्टी की सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है।

वहीं, इस मामले में पुलिस ने अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों में कृष्णा अवस्थी, पुनीराम पटेल, RMA करण कुमार देवांगन, रवि कुमार सेन, निजी कंप्यूटर ऑपरेटर प्रणव अवस्थी और प्रखर कश्यप के नाम शामिल हैं।

रोहांसी से मोपर ट्रांसफर का पेश किया गया था आदेश

मामला ग्राम रोहांसी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ ग्रामीण चिकित्सा सहायक (RMA) करण कुमार देवांगन से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, करण देवांगन ने 17 अगस्त 2026 को खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी के समक्ष एक कथित स्थानांतरण आदेश प्रस्तुत किया था।

 

इस आदेश में करण देवांगन को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहांसी से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोपर, विकासखंड भाटापारा स्थानांतरित किए जाने का उल्लेख था। कथित आदेश में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बलौदाबाजार-भाटापारा कार्यालय का आदेश क्रमांक NHM/AR/2026-27/1359 और तारीख 14 अगस्त 2026 दर्ज थी।

 

CMHO कार्यालय ने कहा- ऐसा कोई आदेश जारी नहीं हुआ

कथित स्थानांतरण आदेश की जांच के दौरान दस्तावेज को लेकर संदेह हुआ। इसके बाद BMO कार्यालय ने CMHO कार्यालय से इसकी पुष्टि कराई। CMHO कार्यालय ने स्पष्ट किया कि संबंधित आदेश उनके कार्यालय से जारी ही नहीं किया गया था।

 

कार्यालय की ओर से यह भी बताया गया कि करण देवांगन का पद राज्य संवर्ग का है और उसके स्थानांतरण का अधिकार राज्य शासन के पास है। उस समय स्थानांतरण पर प्रतिबंध भी लागू था। कथित आदेश पर किए गए हस्ताक्षर भी CMHO के नहीं होने की बात सामने आई।

 

इसके बाद CMHO कार्यालय ने BMO को फर्जी आदेश के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराने के निर्देश दिए।

 

BMO की शिकायत पर दर्ज हुई FIR

CMHO के निर्देश के बाद BMO कार्यालय की ओर से पलारी थाने में शिकायत दी गई। पुलिस ने शिकायत, अधिकारियों के बयान, कथित फर्जी आदेश और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद FIR दर्ज की।

 

पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर कर कूटरचित दस्तावेज तैयार किया और उसे वास्तविक सरकारी आदेश के रूप में कार्यालय में प्रस्तुत किया।

 

मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5), 318(4), 336(3), 337, 338 और 340(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस अब कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने, उसे सरकारी कार्यालय में प्रस्तुत करने और पूरे घटनाक्रम में प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है।

छह आरोपियों में भाजपा के दो पदाधिकारी

कृष्णा अवस्थी — भाजपा जिला महामंत्री

पुनीराम पटेल — भाजपा जिला उपाध्यक्ष

करण कुमार देवांगन — ग्रामीण चिकित्सा सहायक (RMA)

रवि कुमार सेन — ग्रामीण चिकित्सा सहायक (RMA)

प्रणव अवस्थी — निजी कंप्यूटर ऑपरेटर

प्रखर कश्यप — कृष्णा अवस्थी का बेटा

भाजपा ने दोनों नेताओं को छह साल के लिए किया निष्कासित

पुलिस कार्रवाई के बाद भाजपा प्रदेश संगठन ने कृष्णा अवस्थी और पुनीराम पटेल के खिलाफ भी कार्रवाई की है। 25 अगस्त को भाजपा प्रदेश कार्यालय से दोनों के अलग-अलग निष्कासन आदेश जारी किए गए।आदेशों में कहा गया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता के कारण पार्टी की छवि धूमिल हो रही थी और यह पार्टी अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।

भाजपा की जिला इकाई की ओर से की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा के बाद प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के निर्देश पर दोनों नेताओं को पार्टी की सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासित किया गया है। यह कार्रवाई तत्काल प्रभाव से लागू की गई है।

 

 

 

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