Kharge and Rahul write to PM Modi on the caste census, stating that the current method could yield incorrect data.
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आज मंगलवार, 25 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इस पत्र में खरगे और राहुल ने सरकार से जनगणना में जाति की जानकारी इकट्ठा करने का तरीका बदलने की अपील की है।
कांग्रेस का कहना है कि जनगणना के मौजूदा तरीके से गलत डेटा मिल सकता है। पार्टी नेताओं ने मौजूदा सवाल-नामे को गुमराह करने वाला बताते हुए उसे वापस लेने की भी मांग की है।
खरगे-राहुल की पीएम मोदी से अपील
प्रधानमंत्री मोदी को पत्र में दोनों नेताओं ने लिखा, ‘सामाजिक न्याय की नीतियां लागू करने के लिए जाति का सही डेटा जरूरी है। सही डेटा के बिना भारत में सामाजिक न्याय की नीतियां ठीक से लागू नहीं की जा सकतीं।’
खरगे और राहुल ने जाति की जानकारी दर्ज करने के लिए ‘ओपन-एंडेड सवाल’ (जिसका कोई तय जवाब न हो) के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई। इस सिस्टम के तहत, लोग अपनी जाति का नाम बता सकते हैं, जिसे फिर उस फॉर्म में दर्ज कर लिया जाता है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है, ‘एक ही जाति को भारत के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग नामों, उप-जातियों या स्थानीय नामों से जाना जा सकता है। अगर इन अलग-अलग नामों को अलग-अलग दर्ज किया गया, तो एक ही जाति हजारों नामों में बंट सकती है।’
जाति एक, नाम अनेक- कांग्रेस
खरगे-राहुल पत्र में सरकार को बताते हुए लिखा, ‘इस तरीके से जाति की बहुत सारी श्रेणियां बन सकती हैं और जाति जनगणना से मिले डेटा का इस्तेमाल करना मुश्किल हो सकता है।’
दोनों नेताओं ने लिखा, ‘अगर किसी समुदाय के सदस्यों की सही संख्या दर्ज नहीं की जाती है, तो उसकी स्थिति का आकलन भी गलत होगा। गलत डेटा का असर पिछड़े, अति पिछड़े और अन्य वंचित समुदायों पर पड़ सकता है।’राहुल-खरगे ने देश की अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आबादी के आकार के बारे में स्पष्टता की कमी पर भी चिंता जताते हुए लिखा, ‘हमें यह भी पता नहीं चलेगा कि भारत में OBC आबादी कितनी बड़ी है। उन्होंने बताया जनगणना प्रक्रिया में पिछड़ा वर्ग शब्द शामिल नहीं है।

