Corruption ‘game’ involving DMF funds: Villagers in Kanker outraged over construction of substandard tin sheds worth ₹150 crore.
भानुुप्रातापपुर । जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास निधि के करोड़ों रुपये खा जाने का मामला सामने आया है। एक ओर जहाँ कई प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल आज भी झोपड़ियों और बदहाल भवनों में चलने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी ओर बिना जरूरत के पंचायतों में 20-20 लाख रुपये की लागत से प्रार्थना और बाजार शेड की ‘बाढ़’ ला दी गई है।
जब इस भ्रष्टाचार की शिकायत मिली तब दुर्गूकोंदल ब्लॉक के नागहूर में जांच करने पहुंचे आरईएस विभाग के एसडीओ को निर्माण इतना घटिया मिला कि उन्होंने मौके पर ही बने बनाए प्रार्थना शेड को तोड़कर नए सिरे से बनाने के कड़े निर्देश दिए हैं।
वहीं ग्राम पंचायत तराईघोटिया के आश्रित गांव नागहूर स्थित माध्यमिक शाला प्रांगण में 20 लाख की लागत से प्रार्थना शेड का निर्माण कराया जा रहा था। ग्रामीणों का आरोप था कि निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत तराईघोटिया है लेकिन ठेकेदार ने बिना नींव की खुदाई किए और बिना कॉलम खड़े किए ही सीधे टीन शेड ठोक दिया। शिकायत पर जांच करने पहुंचे आरईएस विभाग के एसडीओ देवेंद्र हठिले ने गुणवत्ता में भारी लापरवाही पाई। एसडीओ हठिले ने बताया निर्माण की गुणवत्ता पूरी तरह मानकहीन है। सरपंच और सचिव को घटिया निर्माण ध्वस्त कर नए सिरे से सही शेड बनाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
कमिशनखोरी और ठेकेदारी का बड़ा जाल
ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का गंभीर आरोप है कि जिले में लगभग 150 करोड़ रुपये से अधिक की राशि केवल टीन शेड के नाम पर बहाई जा रही है। आरोप है कि जिला पंचायत कांकेर से 10 प्रतिशत कमीशन सेट करके आसानी से कार्य आदेश बांटे जा रहे हैं। ग्राम पंचायतों को एजेंसी बनाया जाता है, लेकिन पर्दे के पीछे सफेदपोश नेताओं और चारामा-कांकेर के रसूखदार ठेकेदारों द्वारा काम कराया जा रहा है। आरईएस विभाग को तकनीकी देखरेख की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन इंजीनियरों की अनदेखी के कारण ठेकेदार मनमर्जी से गुणवत्ताहीन काम करा रहे हैं।
आमागढ़ में भी बाजार शेड में लीपापोती
नागहूर ही नहीं, बल्कि ग्राम पंचायत हानपतरी के आश्रित ग्राम आमागढ़ में भी डीएमएफ फंड से बन रहे बाजार शेड का यही हाल है। वहां भी बिना नींव खोदे और बिना ठोस आधार के ही शेड खड़ा कर दिया गया है। कही भी आंधी तूफान में यहां तीन सेट उड़ सकता है इसके लिए जनपद पंचायत में शिकायत भी किया गया था लेकिन ग्राम पंचायत व आरईएस विभाग द्वारा कार्यवाही ना कर ठेकेदार को पूर्ण भुगतान कर दिया गया। इस तरह कई टीना शेड निर्माण किया गया है बिना काॅलम के बनाया गया है निष्पक्ष जांच किया जाए तो कई टीना शेड टूट सकते हैं ।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
जनपद सदस्य सुलोचना कोरेटी और सोमदेव कोरेटी सहित ग्रामीणों ने कहा कि अधिकारियों, सरपंच-सचिव और ठेकेदारों की मिलीभगत से डीएमएफ फंड का खुलेआम दुरुपयोग हो रहा है। महज 10-15 मिनट की प्रार्थना के लिए 20 लाख के घटिया शेड बनाए जा रहे हैं, जबकि असली जरूरतों को दरकिनार किया जा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जिले भर में चल रहे इन घटिया निर्माणों पर रोक लगाकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

