नई दिल्ली। देश की युवा पीढ़ी और जनरेशन जेड (Gen Z) के नए वोटरों से सीधा जुड़ाव स्थापित करने के लिए राजनीतिक दलों के बीच खींचतान तेज़ हो गई है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए बीजेपी ने अपने विशेष ‘Gen Z आउटरीच प्रोग्राम’ की रणनीति बनाई है। इस अभियान को जमीन पर उतारने के लिए वरिष्ठ और युवा नेताओं की एक उच्चस्तरीय टीम का गठन किया है।
दिग्गज चेहरों के हाथों में कमान
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के मार्गदर्शन में बनी इस टीम में राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े, गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी और छत्तीसगढ़ के मंत्री ओपी चौधरी समेत कई प्रमुख नेताओं को शामिल किया गया है।
यह टीम युवाओं की आकांक्षाओं, रोजगार की चिंताओं और उम्मीदों को समझने के लिए सीधे संवाद के कार्यक्रम आयोजित करेगी। पार्टी का मकसद अनुभवी रणनीतिकारों और युवा नेतृत्व के तालमेल से जेन-जी तक पार्टी की विचारधारा पहुंचाना है।
कांग्रेस भी युवाओं को साधने में जुटी
दूसरी तरफ, विपक्ष भी युवाओं को आकर्षित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी छात्रों की गूंज कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए देश के अलग-अलग शहरों में जाकर युवाओं से संवाद कर रहे हैं।
बैठक में बीजेपी ने बनाई रणनीति
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नई राष्ट्रीय टीम की पहली औपचारिक बैठक की अध्यक्षता की, जिसकी शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के सभी छह पदों के गायन से हुई। बैठक में पार्टी की आगामी रणनीति और विपक्ष को घेरने को लेकर भी रणनीति बनाई गई।

