बिलासपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बिजली दरों में बेतहाशा बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में प्रदेशव्यापी आंदोलन का शंखनाद कर दिया है। बिलासपुर में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि 1 अगस्त से प्रदेश के सभी जिलों में इसके खिलाफ विरोध कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। पार्टी ने राज्य सरकार से बढ़ी हुई बिजली दरें तत्काल वापस लेने और 400 यूनिट तक ‘बिजली बिल हाफ योजना’ को फिर से लागू करने की प्रमुख मांग उठाई है।
पार्टी की रणनीति साझा करते हुए बताया गया कि 2 अगस्त से कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर हटाने के लिए उपभोक्ताओं से आवेदन भरवाएंगे और एक वृहद हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे। यह जन-अभियान आगामी दो महीने तक निरंतर जारी रहेगा। पार्टी का कहना है कि आम जनता को बिजली बिलों में हो रही लगातार बढ़ोतरी का सामना करना पड़ रहा है, और ऊपर से स्मार्ट मीटर की व्यवस्था उपभोक्ताओं की जेब पर भारी आर्थिक बोझ डाल रही है।
प्रेस वार्ता के दौरान जिलाध्यक्ष सुधांशु मिश्रा ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जुलाई माह से घरेलू, गैर-घरेलू के साथ-साथ कृषि पंपों की बिजली दरों में भी वृद्धि कर दी गई है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद से अब तक कई बार बिजली दरें बढ़ाई जा चुकी हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक दबाव काफी बढ़ गया है। इसके साथ ही पार्टी ने बिजली बिलों में मनमाने तरीके से जोड़े जा रहे अतिरिक्त शुल्कों का भी कड़ा विरोध किया है।
ग्रामीण जिलाध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगें जल्द नहीं मानीं, तो जिला बिजली कार्यालयों का घेराव किया जाएगा और आगे चलकर मुख्यमंत्री निवास तक उग्र प्रदर्शन होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि आम जनता की जेब पर बढ़ते बोझ के खिलाफ एक बड़ा जनआंदोलन है, जिसे आने वाले दिनों में और भी व्यापक रूप दिया जाएगा।

