बिलासपुर: जीआरपी (GRP) बिलासपुर ने ट्रेनों में यात्रियों का सामान चुराने वाले एक बड़े अंतर्राज्यीय संगठित चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में बिहार के मुंगेर जिले के रहने वाले छह शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, गिरोह का मुख्य सरगना अब भी फरार है, जिसकी पुलिस द्वारा सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इन चोरों ने 12 जुलाई 2026 को टिटलागढ़ पैसेंजर ट्रेन में सफर कर रहे रायगढ़ निवासी यज्ञनारायण सोनी को अपना शिकार बनाया था। आरोपियों ने ट्रेन की भीड़भाड़ का फायदा उठाकर उनके बैग से 2 लाख 74 हजार रुपये कीमत के सोने के जेवरात पार कर दिए थे। घटना की शिकायत दर्ज होने के बाद जीआरपी ने सघन चेकिंग अभियान शुरू किया। इसी दौरान बिलासपुर रेलवे स्टेशन के हावड़ा छोर से भागने का प्रयास कर रहे इन संदिग्धों को पुलिस टीम ने घेराबंदी कर धर दबोचा।
कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे ट्रेनों में भीड़ का फायदा उठाकर योजनाबद्ध तरीके से चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे और जेवरात बेचकर मिलने वाली रकम को आपस में बांट लेते थे। पुलिस ने इनके पास से चोरी के जेवरात बेचकर बचाई गई 28,500 रुपये की नगदी और 13,500 रुपये कीमत की एक सोने की अंगूठी सहित कुल 42,000 रुपये की संपत्ति बरामद की है।
पुलिस ने सभी छह आरोपियों को 28 जुलाई 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें 14 अगस्त 2026 तक के लिए न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। फिलहाल, जीआरपी इस गिरोह के फरार मुख्य आरोपी रंजीत मंडल की सघनता से तलाश कर रही है। पुलिस का मानना है कि मास्टरमाइंड के पकड़े जाने पर ट्रेनों में हुई कई अन्य चोरियों का भी खुलासा हो सकता है।

