RAIPUR FAMILY SUICIDE: टिकरापारा में पांच लोगों की सामूहिक खुदकुशी और हत्याकांड मामले में अब पुलिस की तफ्तीश सूदखोरों के आतंक की तरफ मुड़ गई है। सूत्रों के मुताबिक, मैकेनिक का काम करने वाले सैय्यद साजिद अली की माली हालत बेहद खराब थी। इसी मजबूरी का फायदा उठाकर शहर के दो रसूखदार सूदखोरों फिरोज और मुन्ना ने उसे अपने चंगुल में फंसा लिया था। साजिद ने इन दोनों से कुछ कर्ज लिया था, जिसके एवज में वे हर महीने भारी-भरकम और गैरकानूनी ब्याज वसूल रहे थे।
दो संदिग्ध गिरफ्तार
मोहल्ले वालों और साजिद के करीबियों से पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि ब्याज की रकम समय पर न मिलने पर फिरोज और मुन्ना लगातार बदमाशों व गुंडों को साजिद के किराए के मकान पर भेजते थे। साजिद को सरेआम गालियां दी जाती थीं और परिवार को जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। इस रोज-रोज की प्रताडऩा और सामाजिक बदनामी के डर से टूटकर ही साजिद ने आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस ने इन दोनों सूदखोरों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
आरोपियों की तलाश में पुलिस
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। मृतक साजिद मूल रूप से पुरानी बस्ती के कुकरीपारा का रहने वाला था। वह अपने चार भाइयों में सबसे बड़ा था। किन्हीं कारणों से वह पिछले 10 वर्षों से अपने मूल परिवार और भाइयों से अलग रहकर टिकरापारा में किराए के मकान में गुजर-बसर कर रहा था। पुलिस आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करने की तैयारी में है। टिकरापारा पुलिस ने साजिद के घर आने वाले संदिग्ध युवकों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने उनके घर के सामने लगे सीसीटीवी कैमरे से फुटेज निकाले हैं, जिसमें कुछ युवक नजर आए हैं।

