जगदलपुर। बस्तर की एक छात्रा की आत्महत्या ने एक बार फिर NEET UG परीक्षा, पेपर लीक के आरोपों और छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर बहस तेज कर दी है। डॉक्टर बनने का सपना देखने वाली 20 वर्षीय छात्रा हरिका राव नायडु की मौत से पूरे बस्तर में शोक की लहर है। इस घटना के बाद परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, जगदलपुर के बोधघाट थाना क्षेत्र के आड़ावाल खासपारा की रहने वाली 20 वर्षीय छात्रा हरिका राव नायडु ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवती का शव उसके कमरे में फंदे से लटका मिला। नीट यूजी परीक्षा में लगातार तीन बार सफलता नहीं मिलने से निराश होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। डॉक्टर बनने का सपना देखने वाली इस छात्रा की मौत ने पूरे बस्तर को झकझोर दिया।
दीपक बैज ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
घटना के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज शोकाकुल परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने इस मामले को सिर्फ एक पारिवारिक त्रासदी नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की विफलता बताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उनका कहना है कि देशभर में परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है और कई परिवार इसकी कीमत अपने बच्चों को खोकर चुका रहे हैं।
सुसाइड नोट में छात्रा ने परिवार से मांगी माफी
पुलिस को छात्रा के कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने परिवार से माफी मांगी है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और मौत के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
एक ओर देशभर में NEET परीक्षा की पारदर्शिता और पेपर लीक के आरोपों को लेकर लंबे समय से बहस और विरोध-प्रदर्शन जारी हैं। ऐसे माहौल में हरिका की आत्महत्या ने एक बार फिर छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव और परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

