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‘डिजिटल अरेस्ट’ कर बुजुर्ग से 1.04 करोड़ की ठगी: गिरोह के दो और आरोपी गिरफ्तार, अब तक 8 जेल में

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बिलासपुर। शहर की एक 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर 1.04 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह के खिलाफ बिलासपुर रेंज साइबर थाने ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर महाराष्ट्र के नागपुर से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस अब तक कुल 8 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है।

 

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बीती 20 अप्रैल को सिविल लाइन थाना क्षेत्र के शांतिनगर निवासी बुजुर्ग महिला के पास ठगों का व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल आया था। आरोपियों ने खुद को केंद्रीय जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए महिला पर आतंकी संगठन से जुड़े होने का झूठा आरोप लगाया और जेल भेजने की धमकी दी। ठगों ने डरा-धमकाकर बुजुर्ग को करीब 2 घंटे 16 मिनट तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा। इस दौरान मानसिक दबाव बनाकर उन्होंने महिला से अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए।

 

शिकायत मिलने के बाद साइबर थाने की टीम ने तकनीकी जांच, बैंकिंग ट्रेल और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला। इसी कड़ी में पुलिस ने नागपुर निवासी राहुल प्रकाश कामडी और गौरव रमाकांत मिश्रा की संलिप्तता पाए जाने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

 

पुलिस की अपील- ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं

इस घटना के बाद बिलासपुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी या पुलिस फोन, व्हाट्सएप कॉल या वीडियो कॉल के जरिए किसी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करती है। यदि कोई व्यक्ति खुद को अधिकारी बताकर डराता है या पैसे मांगता है, तो ऐसे मामलों में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 डायल करें या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

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