Mahadev App Case: ईडी ने 6000 करोड़ रुपए से ज्यादा का अवैध रूप से संचालित महादेव सट्टा के प्रमोटर्स सौरभ चंद्राकर का प्रत्यर्पण करने दूसरी बार गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। जून 2026 में जारी किए गए वारंट में फरार घोषित किया गया है। इसमें बताया गया है कि सौरभ के खिलाफ 2024 में पहली बार वारंट जारी किया गया था। इस दौरान वह दुबई में शरण लिए हुआ था। पकड़े जाने के डर से ओमान फरार हो गया था। वहां से लाए जाने के लिए विदेश मंत्रालय को 400 पन्नों की फाइल भेजी गई है। इसे ओमान की कोर्ट में पेश की प्रत्यर्पण संधि के तहत भारत लाने पर रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
बता दें कि इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर ओमान में हुई इस कार्रवाई के बाद भारत सरकार ने प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने पर जल्द ही सौरभ को भारत लाकर जांच एजेंसियां पूछताछ करेंगी।
1700 करोड़ की संपत्ति फ्रीज
ईडी ने महादेव सट्टा घोटाले की जांच के दौरान सौरभ चंद्राकर और उससे जुड़े लोगों की 1700 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियां जब्त कर चुकी है। इनमें दुबई के बुर्ज खलीफा में स्थित संपत्तियां भी शामिल बताई गई हैं। इसके अलावा कई बैंक खाते, लग्जरी वाहन और अन्य निवेश भी जांच के दायरे में हैं।

