रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की छत्रपति शिवाजी महाराज कार्यक्रम समिति हिंदवी स्वराज से साम्राज्य तक दो दिवसीय कार्यशाला 18 और 19 जुलाई को लगाई जा रही है। कार्यक्रम महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह (मिनी हॉल) में आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में श्री शिवाजी महाराज रायगढ़ स्मारक मंडल पुणे के कार्यवाह सुधीर थोरात और भारतीय विद्या पारंगत विक्रम सिंह मोहित पहुंचेंगे।
छत्रपति शिवाजी महाराज कार्यक्रम समिति के समन्वयक अभिषेक बक्षी ने बताया कि हिंदवी स्वराज के संस्थापक शिवाजी महाराज की वीरता और उनकी दूरदर्शिता लोगों को जानना जरूरी है। इसलिए महाराष्ट्र मंडल द्वारा दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला के पहले दिन पहले सत्र में 4.15 से 5.30 तक ‘छत्रपति शिवाजी महाराज’ पर चर्चा होगी। शाम 5.45 से 7.00 बजे तक दूसरे सत्र में ‘स्वराज्य संरक्षण का संघर्ष’ पर वक्ताओं के उद्बोधन होंगे। रविवार को दूसरे दिन के सत्र की शुरुआत सुबह 10 बजे होगी। इसमें ‘अठारहवीं शताब्दी का हिंदवी स्वराज’ पर और 11.30 से 12.30 तक चौथे सत्र में शंका समाधान और समारोप होगा।
बक्षी के अनुसार हमने छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास के बारे में अक्सर सुना, पढ़ा और उनकी जयंती, पुण्यतिथि और राज्याभिषेक दिवस मनाएं हैं। लेकिन इतिहास का एक पहलू ऐसा भी है, जो समय के साथ धुंधला हो गया है। कुछ बातें अफवाहों की धूल में ढक गई हैं, जबकि कुछ घटनाओं को जान बूझकर उनकी सही जगह नहीं दी गई है। इतिहास सिर्फ बहादुरी के बारे में नहीं है, बल्कि विज़न, गवर्नेंस, डिप्लोमेसी, युद्ध की रणनीति, सामाजिक व्यवस्था और देश बनाने के विचारों के बारे में भी है, जिसे कम जाना- पहचाना गया अथवा नज़रअंदाज़ किया गया। अक्सर गलत समझे जाने वाले इतिहास को करीब से देखने के लिए, 18 और 19 जुलाई को महाराष्ट्र मंडल में यह खास वर्कशॉप होगी।
वर्कशॉप में, सिर्फ घटनाओं के बारे में ही नहीं बताया जाएगा, बल्कि उन घटनाओं के पीछे का संदर्भ, ऐतिहासिक सबूत, अलग-अलग इतिहासकारों के विचार और असलियत को पेश किया जाएगा। इस तरह, छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में हमारी जानकारी, समझ और ज़्यादा बड़ी, गहरी और ऑब्जेक्टिव हो जाएगी।

