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राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन अपने पति के बयान पर माफ़ी माँगे- पुरन्दर मिश्रा

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रायपुर उत्तर के विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन के हालिया बयान पर कड़ा पलटवार करते हुए कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर कांग्रेस केवल राजनीति कर रही है, जबकि भारतीय जनता पार्टी महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रही है।

 

विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि एक ओर राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन रायपुर में पत्रकार वार्ता कर राजनीति में महिलाओं की भागीदारी की वकालत कर रही , वहीं दूसरी ओर उनके पति पूर्व सांसद पप्पू यादव का दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक बयान सामने आया है। श्री यादव ने बिहार में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 90 प्रतिशत महिलाएं जो राजनीति में आती हैं, बिना नेता के कमरे में जाए बगैर राजनीति नहीं कर सकतीं। उन्होंने यह भी कहा कि औरत को नोचने की संस्कृति बन गई है तथा महिलाओं के प्रति समाज में गलत नजरिया बढ़ा है।

 

विधायक मिश्रा ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पप्पू यादव को ऐसा बयान देते हुए शर्म नहीं आई। जब उनकी पत्नी स्वयं राज्यसभा सांसद हैं और महिला नेतृत्व का एक प्रमुख चेहरा हैं, तब ऐसा बयान न केवल उनकी पत्नी का अपमान है, बल्कि राजनीति में आने की इच्छुक अन्य महिलाओं का मनोबल भी गिराने वाला है। उन्होंने कहा कि पप्पू यादव को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए तथा राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन को भी इस बयान का खंडन कर देश से माफी मांगनी चाहिए।

 

विधायक पुरंदर मिश्रा ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी 140 साल पुरानी होने के बावजूद देशहित की चिंता करने के बजाय भ्रम फैलाने का कार्य करती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास जनभावनाओं को भटकाने का रहा है और आज भी वही रवैया देखने को मिल रहा है।

 

उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी सदैव महिलाओं, माताओं और बहनों के साथ खड़ी रही है। भाजपा सरकार केवल वादे नहीं करती, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने का कार्य करती है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं को प्रतिमाह ₹1000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

विधायक मिश्रा ने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को महिलाओं के सम्मान और अधिकारों से जुड़ा ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इसे संसद में पारित न हो पाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सहित कुछ अन्य दलों ने संकीर्ण राजनीति के चलते इस विधेयक को आगे बढ़ने से रोका।

 

उन्होंने कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी जैसे दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों ने महिलाओं के हितों से अधिक अपने राजनीतिक स्वार्थों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की महिलाएं इन सच्चाइयों को समझती हैं और किसी भी भ्रामक प्रचार से गुमराह नहीं होंगी।

 

अंत में विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों के लिए निरंतर कार्य कर रही है और आगे भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ करती रहेगी। उन्होंने दोहराया कि नारी शक्ति के अधिकारों के मार्ग में आने वाली हर बाधा को देश की जनता याद रखेगी और महिलाओं को उनका उचित स्थान दिलाने का संकल्प अवश्य पूरा होगा।

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