BREAKING देश दुनिया वॉच

POLITICAL BREAKING: परिसीमन पर अमित शाह का बड़ा बयान, कहा – दक्षिण भारत को नुकसान नहीं…

Share this

POLITICAL BREAKING: नई दिल्ली। परिसीमन के कारण दक्षिण के राज्यों का प्रतिनिधित्व कम होने की विपक्ष की आशंकाओं को गृहमंत्री अमित शाह ने निर्मूल करार दिया। सभी राज्यों में लोकसभा की सीटों में 50 फीसद समानुपातिक बढ़ोतरी के बाद दक्षिण के राज्यों में बढ़ने वाली सीटों और लोकसभा में उनका प्रतिनिधित्व का आकंड़ा पेश करते हुए उन्होंने इस संबंध में फैलाई जा रही भ्रांतियों का भी निवारण किया।

कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल, तमिलनाडु का आंकड़ा विशेष रूप से पेश करते हुए कहा कि इन पांच राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या 129 से बढ़कर 195 हो जाएगी जबकि प्रतिनिधित्व 23.76 से बढ़कर 23.87 होगा। ध्यान रहे कि दक्षिण के कुछ नेता यह प्रचारित कर रहे हैं कि परिसीमन से दक्षिण का प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा।

शाह ने विपक्ष के आरोपों को किया खारिज

अमित शाह ने 50 फीसद सीटें बढ़ाने का कोई आधार नहीं होने के विपक्ष के आरोपों को भी खारिज कर दिया। विपक्ष के कई सांसदों ने आरोप लगाया था कि सरकार ने मनमाने तरीके से 50 फीसद सीटें बढ़ाने का फैसला कर लिया है। शाह ने बताया कि 50 फीसद सीट बढ़ाने का फैसला सीधे महिला आरक्षण से जुड़ा हुआ है।

आंकड़ों के साथ उन्होंने बताया कि यदि 100 सीटों वाली लोकसभा में सामान्य सीटों की संख्या कम किए बिना 33 फीसद आरक्षण का प्रविधान करना हो, तो उसकी सीटें 50 फीसद बढ़ानी होगी। ऐसे में 150 सीटों में 50 सीटे महिलाओं के आरक्षित होने के साथ ही सामान्य के लिए 100 सीटें बची रह जाएंगी। इसी फार्मूला पर लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों से बढ़ाकर 815 किया गया है।

उन्होंने सीटों की उच्चतम सीमा को 850 किये जाने को मौजूदा व्यवस्था से जुड़ा बताया। शाह के अनुसार लोकसभा में अधिकतम सीटें 550 तय हैं, लेकिन मौजूदा सीटें 543 ही हैं।अमित शाह ने संविधान संशोधन पास होते ही राज्यों में बढ़ी हुई सीटों पर चुनाव होने की आशंकाओं को भी खारिज कर दिया।

 

2029 में लागू होगा महिला आरक्षण

शाह ने आश्वस्त किया कि 2029 में लोकसभा का चुनाव परिसीमन के बाद बढ़ी हुई सीटों और महिला आरक्षण के साथ होगा, उसके पहले सभी राज्यों में विधानसभा के चुनाव पुरानी सीटों पर ही होंगे। शाह ने परिसीमन आयोग के दुरूपयोग के विपक्ष के आरोपों का करारा जवाब दिया।

 

शाह ने कहा कि हमने परिसीमन आयोग कानून में कोई बदलाव नहीं किया है। जो कांग्रेस ने बनाया था वैसा ही है। यदि विपक्ष पहले परिसीमन आयोगका दुरुपयोग करती रही हो, तो भी वे इसका दुरूपयोग नहीं करने का आश्वासन देते हैं।

 

अमित शाह ने महिला आरक्षण और परिसीमन के सहारे लोकतंत्र को खत्म करने के विपक्ष के आरोपों का तीखा प्रतिकार किया। शाह ने कहा कि किसी ताकत नहीं है, जो लोकतंत्र को खत्म कर सके। आपातकाल की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा करने वालों को देश की जनता ने करारा जवाब दिया था। शाह ने कहा कि देश की 130 करोड़ जनता को भटकाया नहीं जा सकता है। उसका दिल जीतकर ही कोई सत्ता में आ सकता है।

 

दक्षिण के राज्यों के लिए सबसे बढि़या अवसर

जनसंख्या में कमी के बावजूद सीटों में समानुपातिक 50 फीसद की बढ़ोतरी को दक्षिण भारत के ही कुछ सांसद दक्षिण के राज्यों के लिए सबसे बढि़या अवसर बता रहे हैं। केरल से आने वाले एक सांसद के अनुसार अभी 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करने का प्रविधान है।

 

साथ ही सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव है जो जनगणना से नहीं जुड़ा है। इसके पास नहीं होने की स्थिति में अगले साल होने जा रही जनगणना के आधार पर परिसीमन होगा। यह खुली सच्चाई है कि 2011 की तुलना में 2027 में दक्षिण के राज्यों की जनसंख्या तुलनात्मक रूप से और कम हो जाएगी।

 

जाहिर है 2027 की जनगणना के आधार पर परिसीमन हुआ तो दक्षिण के राज्यों की सीटों में बढ़ोत्तरी उसी अनुसार होगी। यहां तक 2011 की जनगणना के आधार पर भी परिसीमन की स्थिति में दक्षिण के राज्यों की सीटों में कमी या फिर मामूली बढ़ोतरी होती, लेकिन सरकार ने एकमुश्त 50 फीसद सीटें बढ़ाने का प्रविधान किया हो, जो पहले संभव नहीं दिखता था।

 

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *