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राजिम कुंभ में जैविक कृषि सम्मेलन का आयोजन किया गया : सैकड़ों किसान हुए लाभान्वित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसान सम्मान नि़ध की 16वीं किश्त की जारी

राजिम। राजिम कुंभ कल्प के पांचवे दिन कुलेश्वर मंदिर के पास बने डोम में जैविक कृषि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राजिम नगर पंचायत अध्यक्ष रेखा सोनकर राजिम एवं जगदीश साहू विशेष रूप से मौजूद थे। इस अवसर पर उपस्थित किसानों को कृषि वैज्ञानिकों ने जैविक खेती करने के लिए जोर देते हुए जैविक खेती के फायदे बताए। जिससे किसान कम लागत में जैविक पद्धति से अधिक उत्पादन देते हुए लाभ कमा सकते हैं। जैविक खेती के लिए जैविक पोषक तत्वों को तीन भागों में बांटा है। जिसमें जीवामृत, बीजामृत, घन जीवामृत के निर्माण से खेती के पोषक तत्व देने की विधि बताई। कृषि को कीटों से बचाने के लिए ब्रह्मास्त्र और नीमास्त्र बनाने की विधि इस कार्यक्रम में किसानें को दी गई। साथ ही क्षेत्र के उनके किसानों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिन किसानों ने जैविक कृषि पद्धति अपनाकर लाभ कमाया।
साथ ही आज किसान दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र के यवतमाल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान सम्मान राशि की 16वीं किस्त जारी करते हुए उपस्थित किसानों को वर्तवली संबोधित भी किया। जिसमें किसानों ने पूरे ध्यान से सुनते हुए जैविक खेती को अपनाने के लिए संकल्पित हुए। उपस्थित कृषि वैज्ञानिक एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को सवालों के जवाब देकर उनकी समस्याओं का समाधान करते हुए शंका का निवारण भी किया। साथ किसानों को कृषि आधारित अनुदान की राशि चेक देकर प्रदान किया। इसके अलावा मत्स्य विभाग द्वारा मछली पालक को प्रोत्साहन देने के लिए मछली जाल एवं अन्य उपकरण देकर उन्हें मछली पालन के लिए प्रोत्साहित किया।
छत्तीसगढ़ राज्य बीज प्रमाणीकरण के प्रबंध संचालक बी.ए. आसना ने किसानों को बताया कि किसान के लिए उत्तम बीज का चयन करना बहुत ही जरूरी होता है क्योकि अच्छे बीज से ही फसल वृद्धि होती है। पहले बिना रासायनिक खाद के खेती की जाती थी, जो नुकसानदायक नहीं होती थी। किसी प्रकार से इसके हानिकारक प्रभाव नहीं होते है। लेकिन आज फसलों में कीटनाशक दवाई का प्रयोग कर मानव शरीर में विष घोल रहे है।
जैविक कृषि के लिए किसानों को प्रेरित करते हुए कहा कि जैविक खेती कृषि की वह पद्धति है जिसके द्वारा पर्यावरण जल एवं वायु को प्रदूषित किये बिना तथा भूमि की सजीवता जल की गुणवत्ता जैव विविधता को दीर्घकालीन एवं टिकाऊ उत्पादन प्राप्त किया जाता है। राज्य में विभिन्न योजनाओ के माध्यम से जैविक खेती के प्रति किसानों को जागरूक करने एवं उन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य में प्रमाणिक जैविक खेती को बढ़ावा देने प्रसार-प्रसार गतिविधि एवं जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कृषकों द्वारा उत्पादित जैविक खाद्यानों का प्रमाणीकरण मूल्य संवर्धन एवं विपणन हेतु प्रयास किया जा रहा है।
इस अवसर पर कृषि विभाग गरियाबंद के उप संचालक चंदन कुमार रॉय एवं अतिथियों की उपस्थिति में किसान समृद्धि योजना के तहत चेक वितरण किया गया। किसानो को 35 हजार रूपये की चेक राशि लोमश, कन्हैया, दौलत, यशवंत साहू को दी गई। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत किसान क्रेडिट कार्ड अमर, लता, गिरधर यादव को दिया गया है। जैविक खेती मिशन सम्मान प्रमाण पत्र संजू, चारो बाई, पुरुषोत्तम, बालचंद, कृपाराम को प्रदान किया गया। मिट्टी नमूना कार्ड सम्मान सोमजीत और समारू को मिला। साथ ही मछली जाल एवं बॉक्स का वितरण भी किया गया।

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