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एसबीआई बैंक हल्दीबाड़ी में शिफ्ट नहीं होने से आमजनों में आक्रोश

 

बैंक प्रबंधन की उदासीनता से 5 हजार से अधिक खाताधारकों व व्यापारी वर्ग को हो रही काफी परेशानी

चिरमिरी/कोरिया (भरत मिश्रा)। स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया हल्दीबाड़ी के शाखा प्रबधक से लेकर उच्च अधिकारीयों की उदासीनता के कारण लगभग डेढ़ वर्ष बीते जाने के बाद भी हल्दीबाड़ी में स्टेट बैंक की शाखा शिफ्ट नहीं हो सकी है ।

आपको बता दे कि चिरमिरी शहर के हृदय स्थल हल्दीबाड़ी में डेढ़ वर्ष पूर्व
भूस्खलन होने के कारण से चिरमिरी एसबीआई बैंक की शाखा को अस्थायी रूप से कुरासिया एसबीआई शाखा में मर्ज कर दिया गया था । उस समय बैंक प्रबंधन द्वारा यह कहाँ गया था कि जल्द ही नवीन भवन का चयन कर पुनः बैंक का संचालन प्रारम्भ कर दिया जायेगा । जानकारी के अनुसार नगर निगम चिरमिरी की
ओर से हल्दीबाड़ी के वार्ड-15 में स्थित राधाकृष्ण मंदिर भैसा दफाई के पास बने सामुदायिक भवन को स्टेट बैंक को देने की तैयारी की गई है इस हेतु उक्त सामुदायिक भवन का नगर निगम चिरमिरी द्वारा बैंक प्रबंधन द्वारा चाहे गए अनुसार उसका मरम्मत कार्य करवाकर उसे तैयार कर दिया गया है । लेकिन इसके बाद भी एसबीआई बैंक का पुनः संचालन हल्दीबाड़ी में नहीं किया गया है। जिसके कारण स्थानीय लोगों और व्यापारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है । इस कारण उनमें काफी आक्रोश है ।

5 हजार से अधिक खाताधारक हो रहे परेशान

आपको बता दे कि हल्दीबाड़ी में बैंक संचालित नहीं होने के कारण करीब 5
हजार से अधिक खाताधारकों को परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है। पांच किमी की दूरी तय कर बैंक जाने से अनावश्यक रूप से समय एवं धन की बर्बादी होती है । कुरासिया शाखा में हजारों की संख्या में उपभोक्ताओं का पहले से
ही दबाव है इस कारण छोटे-छोटे काम के लिए लोगों को घंटो इंतजार करना पड़ता है ।

खाता बंद करने की चेतावानी दी

बैंक प्रबंधन की लापरवाही एवं उदासीनता से बैंक शिफ्ट नहीं होने से
परेशान अधिकांश उपभोक्ता बैंक खाता बंद कराने मन बना चुके हैं, कुछ अपना बैंक अकाउंट बंद भी करा चुके हैं। हल्दीबाड़ी क्षेत्र शहर का मुख्य
व्यवसायिक केंद्र है। हल्दीबाड़ी मुख्य शाखा को 5 किमी दूर कुरासिया शाखा
में मर्ज कर देने से व्यापारियों को लेन-देन में काफी परेशानी हो रही है।

आयुक्त ने बताया कि एसबीआई बैंक सामुदायिक भवन, भैसा दफाई, हल्दीबाड़ी में शिफ्ट किये जाने के सम्बन्ध में सम्पूर्ण कागजी कार्यवाही की जा चुकी है एवं
कोरिया कलेक्टर के निर्देश पर निगम ने पत्राचार करके लोक निर्माण विभाग
से उक्त भवन का मासिक किराया भी निर्धारण कराया जा चूका है लेकिन बैंक प्रबंधन की उदासीनता के कारण बैंक शिफ्ट नहीं हो पा रहा है ।

 

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