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छत्तीसगढ़ में अंतिम संस्कार को लेकर दो पक्षों में विवाद: जलती चिता से निकाल दिया शव

जांजगीर-चांपा: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा के बाराद्वार बस्ती मुक्तिधाम में शव जलाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। एक समाज के लोगों ने इस पर आपत्ति जताते हुए जलती चिता से शव को बाहर निकाल दिया। इसके बाद दूसरे समाज के लोगों का आक्रोश भड़क गया। गुस्साए लोगों ने सड़क पर शव रखकर बाराद्वारा-जैजैपुर मार्ग पर जाम लगा दिया है। हंगामा बुधवार देर रात से जारी है। सूचना मिलने पर SDM सहित 6 थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई है।

युवक ने फांसी लगाकर की थी आत्महत्या
जानकारी के मुताबिक, बाराद्वार बस्ती निवासी प्रदीप पाटले (24) पुत्र भैयालाल पाटले ने बुधवार काे फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पोस्टमार्टम के बाद परिजन उसके शव के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचे, लेकिन बारिश के कारण वहां दिक्कत आ रही थी। इस पर गांव में ही तालाब के पास स्थित दूसरे समाज के एक अन्य श्मशान घाट ले गए। वहां पर शव के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की गई और चिता को आग दे दी गई।

शव को लात से मारने का आरोप
आरोप है कि उसी समय दूसरे समाज के लोग वहां एकत्र हो गए और हंगामा कर दिया। उन्होंने गालियां देते हुए जलती चिता से शव को बाहर खींच लिया। आरोप है कि दूसरे समाज के लोगों ने चिता में पानी डाल दिया और शव को लात से मारकर अपमानित किया। इस पर अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। हंगामे के चलते देर रात से बाराद्वार-जैजैपुर मुख्य मार्ग बंद है।

सरपंच सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े
वहीं हंगामे और सड़क जाम की सूचना मिलने पर SDM, तहसीलदार सहित आधा दर्जन थानों की फोर्स बुला ली गई है। लोगों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। फिलहाल इस मामले में युवक प्रदीप के पिता की शिकायत पर पुलिस ने सरपंच जगदीश उरांव सहित 9 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है। सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। वहीं समाज के लोग उनकी गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं।

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