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महासमुंद पहुंची राज्यपाल ने आदिवासियों के मुद्दे को लेकर कहा, जो भी न्याय संगत होता है, उन विषयों को लेकर शासन प्रशासन का कराती है ध्यानाकर्षण

Mahasamund : अपने एक दिवसीय प्रवास(one day trip)पर महासमुंद (Mahasamund)पहुंची छत्तीसगढ़ कि राज्यपाल अनुसुइया उइके (Chhattisgarh Governor Anusuiya Uikey)ने, आदिवासियों(tribals) के जल जंगल और जमीन (water forest and land)की लड़ाई, बस्तर में प्रशासन के साथ टकराव, सरगुजा (surguja)में हसदेव अरंड (Hasdeo Castor)विषय और रायपुर में आदिवासियों द्वारा निकाली गई बूढ़ादेव यात्रा (Budhadev Yatra)को लेकर कहा कि समय-समय पर जो लोग उनसे आकर मिलते हैं, उनकी बातें वह सुनती है। और जो भी न्याय संगत होता है, उन विषयों को लेकर शासन प्रशासन (Government administration)का ध्यान आकर्षण कराती है।

उन्होंने कहा कि यह बात सही है कि, आदिवासियों का जीवन जल जंगल जमीन पर टिका है। उसके लिए उनके अधिकार जो संविधान में है उन प्रावधानों को वो गवर्नर होने के नाते पूरा करने की कोशिश करती है। बस्तर से लेकर सरगुजा तक के आदिवासी अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचते है, कोशिश रहती है कि उन्हें शासन-प्रशासन तक पहुंच जाए, समय-समय पर उनका समाधान कराने भी कोशिश करती है। बहुत साड़ी समस्याओं में नियम प्रक्रिया की प्रॉब्लम होती है। उन्होंने कहा कि, उन्होंने सरकार को आदेश दिया कि, जो भी आत्म समर्पित नक्सली है उनके परिवार को मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि मेरा यही प्रयास रहेगा कि यहां के लोगों में सुख-शांति हो और छत्तीसगढ़ प्रदेश का विकास हो इसके लिए जो भी आवश्यक है शासन प्रशासन का ध्यानाकर्षण वो कराएगी।

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