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Big News: कैबिनेट निर्णय, सांसद निधि फिर से बहाल, मिलेंगे 2 करोड़ रूपए

नईदिल्ली। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने देश की आर्थिक रिकवरी को देखते हुए सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस) की बहाली और निरंतरता को मंजूरी दी है। इससे सांसद अपने क्षेत्र में विकास कार्य कर सकते हैं। योजना को कोरोना काल में बंद कर दिया गया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को उक्त आशय के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की।

केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक पत्रकार वार्ता में बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज वित्तीय वर्ष 2021-22 के शेष भाग के दौरान और वित्तीय वर्ष 2025-26 (15वें वित्त आयोग की अवधि समाप्ति) तक संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीलेड) की बहाली और निरंतरता को मंजूरी दे दी है। उन्होंने बताया कि योजना से जुड़े फंड के तहत प्रत्येक सांसद को इस वर्ष 2 करोड़ रुपये एक ही बार में दिए जायेंगे। इसके बाद योजना जारी रहने तक प्रत्येक वर्ष हर सांसद को 5 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष योजना फंड के तौर पर ढाई-ढाई करोड़ की दो किश्तों में दिए जायेंगे।

जनजातीय गौरव दिवस

उन्होंने बताया की 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती है, आज़ादी की लड़ाई में उनके योगदान को देखते हुए भी 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस घोषित करने का निर्णय लिया है। भारत सरकार 15-22 नवंबर जनजा​तीय समुदायों के गौरवशाली इतिहास, उपलब्धियों, संस्कृति पर कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है।भारतीय इतिहास और संस्कृति में जनजातियों के विशेष स्थान और योगदान को सम्मानित करने व आने वाले पीढ़ियों को इस सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय गौरव के संरक्षण के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस घोषित करने का निर्णय ​लिया है।

उच्च इथेनॉल मूल्य को मंजूरी –

मंत्रिमंडल ने चीनी सीजन वर्ष 2020-21 के लिए विभिन्न गन्ना आधारित कच्चे माल से प्राप्त उच्च इथेनॉल मूल्य को मंजूरी दी। सी भारी शीरा से इथेनॉल की कीमत प्रति लीटर ₹45.69 से बढ़कर ₹46.66 हुई। बी भारी शीरा से इथेनॉल की कीमत प्रति लीटर ₹57.61 से बढ़कर ₹59.08 हुई। इथेनॉल आपूर्तिकर्ताओं के लिए मूल्य स्थिरता और लाभकारी मूल्य होगा। देश में उन्नत जैव ईंधन रिफाइनरियों की स्थापना की सुविधा मिलेगी। गन्ना किसानों के लंबित बकाया को कम किया जाएगा।

जूट और कपास –

उन्होंने बताया की केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय कपास आयोग को 17,408 करोड़ रुपये के प्रतिबद्ध मूल्य समर्थन को दी मंज़ूरी दी। इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने जूट वर्ष 2021-22 के लिए जूट पैकेजिंग सामग्री के लिए आरक्षण मानदंडों को मंज़ूरी दी। जिसके तहत 100% खाद्यान्न और 20% चीनी, जूट की बोरियों में पैक की जाएगी। इससे जूट मिलों में कार्यरत 0.37 मिलियन श्रमिकों को राहत मिलेगी।

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