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वनांचल क्षेत्र के मजदूरों का भुगतान न होने से सताने लगी दीपावली की चिंता , मजदूर लगाने लगे फारेस्ट मुख्यालयों के चक्कर ,अधिकारी भी बेबस

कसडोल ब्यूरो (पुरषोत्तम कैवर्त्य ) | कोई भी मजदूर मजदूरी इसलिए करते हैं ताकि समय पर मजदूरी की राशि मिलने से उनके परिवार के भरण पोषण ,सुख सुविधा व पर्वों को खुशी खुशी मना सके।उन्हें सिर्फ मजदूरी का ही सहारा रहता है।खासकर सामने बड़ा पर्व हो ऐसी स्थिति में मजदूर मजदूरी करके खुश होता है कि उनका भुगतान आने वाले पर्व के पहले मिल जावेगा,किन्तु समय पर भुगतान न हो तो सभी को चिंता सताने लगती है क्योंकि गांव में गरीब-अमीर सभी तरह के लोग रहते हैं।जब अमीर लोगों के बच्चे पर्वों को अच्छे से मनाते हैं, वहीं गरीब के बच्चे अभाव के कारण खुशी नहीं मना पाते तो सामने वाले बच्चों को देख दुखी होते हैं और अपने माँ-बाप को परेशान करने लगते है।तब उस गरीब मां बाप पर क्या बीतता है ये तो वही जानते हैं।क्योकि सभी बच्चे आखिर एक साथ खेलते हैं, उन्हें गरीबी-अमीरी का पता नही होता है।तकलीफ तो माँ-बाप को झेलना पड़ता है। ऐसी स्थिति वर्तमान बलौदाबाजार वन मंडल के अंतर्गत सभी वनांचल क्षेत्र के गरीब मजदूरों पर आ गई है।सामने दीपावली का सबसे बड़ा त्यौहार है और वन विभाग के केम्पा मद से स्वीकृत कार्यो में मजदूरी करने के तीन माह से अधिक बीत जाने के बावजूद राज्य शासन से राशि न आने के कारण मजदूरी का भुगतान नहीं हो सका है। क्षेत्र के मजदूर अपनी मजदूरी पाने बार बार वन विभाग के मुख्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं कि वे भी अन्यों की तरह दीपावली में खुशी मना सके।ऐसी स्थिति में न केवल मजदूर परेशान हैं बल्कि वन विभाग के अधिकारीगण भी काफी चिंतित हैं।क्योंकि मजदूरों के कोप का भाजन तो संबंधित अधिकारियों को ही बनना पड़ता है।आखिर काम तो अधिकारी ही करवाते हैं इसलिए मजदूर अधिकारियों पर दबाव बनाने लगते हैंऔर खरी खोटी सुनाते हैं। हमारे प्रतिनिधि को बार एवं कोठारी परिक्षेत्र के गरीब मजदूरों ने बताया कि भुगतान न मिलने से आने वाली दिपावली में उनके सामने किस तरह का संकट आ खड़ा हुआ है।शासन प्रशासन से वनांचल क्षेत्र के मजदूर काफी आक्रोशित हैं और अपनी गुस्सा अधिकारियों पर निकाल रहे हैं, किन्तु अधिकारी मजबूर है चाह कर भी मजदूरों का सहयोग नहीं कर पा रहे हैं।ऐसी स्थिति में शासन प्रशासन को ध्यान देना चाहिए कि खासकर सामने बड़ा त्यौहार हो तो समय से पहले मजदूरों को भुगतना किया जाय।सरकारें अपने आप को गरीब, किसान, मजदूर हितैसी करार देने में पीछे नहीं रहते, किन्तु ऐसे समय में पता चलता है कि गरीबों की कितनी चिंता करते हैं।यह वास्तव में दुर्भाग्य जनक है।शासनको चाहिए है कि दीपावली के पूर्व किसी भी तरह से मजदूरों का भुगतान करें ताकि वे भी अच्छे से दीपावली मना सके। इस संबंध में बार नयापारा अभ्यारण्य के क्रमशः कोठारी एवं बार परिक्षेत्राधिकारी श्री पी के सिन्हा एवं कृशानु चन्द्राकर से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि इस त्यौहारी सीजन में मजदूरों का भुगतान न आने से हम भी काफी चिंतित हैं क्योंकि हमारे पास ही आये दिन मजदूर आते है और परेशान करते हैं जो कि स्वाभाविक है।किंतु भुगतान न आने से हम भी मजबूर हैं, चाहकर भी सहयोग नही कर पा रहे हैं।सामने दीपावली जैसे पर्व को देखकर हम भी चिंतित हैं।राशि आने पर तुरंत भुगतान कर दिया जावेगा

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