प्रांतीय वॉच

समिति के वर्तमान एवं नए प्रबंधक द्वारा सहकारिता निरीक्षक को बदनाम करने के उद्देश्य से रची गई थी साजिश

  • संचालक मण्ड़ल एवं विक्रेता ने सिरे से खारिज किया आरोप

पुरुषोत्तम कैवर्त/कसडोल। सहकारिता निरीक्षक को बदनाम करने के उद्देश्य से समिति के प्रभारी प्रबंधक एवं नए प्रबंधक ने साजिश करके सहकारिता निरीक्षक की कार में उपभोक्ता दुकान से चावल निकालकर भृत्य के माध्यम से डलवाया था और बाद में चोरी का आरोप लगाते हुए हल्ला मचाया ।समिति के अध्यक्ष एवं संचालक मंडल के सदस्य भी सहकारिता निरीक्षक द्वारा चावल ले जाने की बात को खारिज कर रहे हैं । विगत 18 अगस्त को क्षेत्र के सहकारिता विभाग में उस समय हड़कम्प मच गया जब सहकारिता निरीक्षक के ऊपर शासकीय उपभोक्ता दुकान से चावल चोरी किए जाने का समाचार इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में चलने लगी ।इतने बड़े अधिकारी द्वारा उपभोक्ता दुकान से मात्र एक बोरी चावल चोरी करने की बात आम लोगों की गले से नीचे नहीं उतर रही थी । हमारे कसडोल प्रतिनिधि ने मामले की वास्त. – विकता जानने 21 अगस्त को प्राथमिक कृषि साख सह – कारी समिति एवं उपभोक्ता दुकान पीसीद में जाकर पड़ताल की तो माजरा कुछ अलग ही सामने आया । प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत 18 अगस्त को सहकारिता निरीक्षक डी के भारद्वाज समीपस्थ प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति पीसीद के संचालक मंडल की बैठक लेकर नए प्रबंधक मनोज कुमार दिवाकर को प्रभार दिलाने के लिए गए हुए थे , क्योंकि पीसीद समिति के संचालक मंडल नए प्रबंधक के पिछले रिकार्ड को देखते हुए प्रभार सौंपने से इन्कार कर रहे थे । अभी सहकारी समिति की बैठक चल रही थी इस दौरान समिति के प्रभारी प्रबंधक चन्द्रभानु वर्मा ने विक्रेता विनोद कैवर्त्य से एक बोरी चांवल की मांग की जिस पर उपभोक्ता दुकान की चाबी बीरेन्द्र वर्मा को विनोद ने दिया और बीरेन्द्र वर्मा ने उपभोक्ता दुकान से चावल निकालकर प्रभारी प्रबंधक चन्द्रभानु वर्मा के कहने पर चालक के साथ मिलकर चावल कार में रखा । चावल कार में रखने के कुछ देर बाद नए प्रबंधक मनोज कुमार दिवाकर ने बैठक में हल्ला मचाना शुरू कर दिया कि सहकारिता निरीक्षक द्वारा उपभोक्ता दुकान से एक बोरी चावल चोरी कर ले जाया जा रहा है और कार की डिक्की खुलवाकर प्रभारी प्रबन्धक ने ही चावल को निकालकर समिति कार्यालय में रखवाया । इस संबंध में समिति के अध्यक्ष लेख राम साहू सहित संचालक मण्ड़ल के सदस्यों ने स्पष्ट रूप से कहा कि सहकारिता निरीक्षक कार्यालय के अन्दर बैठक ले रहे थे ऐसे में उन पर चोरी का आरोप लगाना गलत है । उपभोक्ता दुकान के विक्रेता विनोद कैवर्त्य ने बताया कि समिति के प्रभारी प्रबंधक ने बैठक के दौरान एक बोरी चांवल की मांग की तो समिति के भृत्य बीरेन्द्र वर्मा के माध्यम से चावल दिया गया । इस सम्बंध में सहकारिता निरीक्षक डी के भारद्वाज ने बताया कि नए प्रबंधक मनोज कुमार दिवाकर पहले भटगांव के समिति में थे तब उसके विरूद्ध धान खरीदी में घोटाला किए जाने का मामला सामने आने पर जिला कलेक्टर एवं रजिस्ट्रार उप पंजीयक के निर्देशानुसार उसके विरूद्ध एफ आई आर कराई गई थी , एवं वर्तमान प्रभारी प्रबंधक के कार्यशैली से संचालक मंडल संतुष्ट नहीं थे ,उनकी अनुशंसाओं के आधार पर उन्हें भी पदमुक्त किया गया था ,इसलिए दोनों ने मिलकर मेरे विरूद्ध षडयंत्र रचकर घटना को अंजाम दिया ।

घटना सुनियोजित थी इसलिए मीडिया कर्मी पहले से तैनात थे

सहकारिता निरीक्षक डी के भारद्वाज के खिलाफ साजिश पूर्व एवं वर्तमान समिति प्रबंधक ने पहले ही रच रखी थी जिसका जीता जागता प्रमाण ये है कि पीसीद कसडोल से मात्र 5 कि मी की दूरी पर है जबकि वहाँ पर पीसीद से 22 कि मी दूर शिवरीनारायण के मीडिया कर्मी घटना घटित होने से पहले ही मौजूद थे ।वहां पर मौजूद मीडियाकर्मियों ने ही घटना घटित होने से पहले प्रबंधक के द्वारा सहकारिता निरीक्षक एवं संचालक मण्ड़ल के बैठक सहित गाड़ी में रखे हुए चावल की वीडियो बनाई , यहाँ पर अब सवाल ये उठता है कि घटना के करीब दो घण्टे बाद कसडोल नगर के कुछ मीडिया कर्मी सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद पहुंचे जबकि शिवरीनारायण मीडियाकर्मी पहले से मौजूद थे ।

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