- पंचायतों के कार्य में हो रही अनियमितताएं उजागर करने पर हुए आगबबूला
बालकृष्ण मिश्रा/जगदलपुर : दंतेवाड़ा के बस स्टैण्ड स्थित रायपुर से प्रकाशित एक दैनिक अखवार के दफ्तर का ठेकेदार एवं कांग्रेसी नेता सुभाष सुराना के इशारे पर पंचायतों के कुछ लोगों द्वारा घेराव किये जाने, तथा सम्बंधित अखवार के पत्रकारों के साथ बदसलूकी किये जाने की घटना का बस्तर संभाग के पत्रकार संगठनों सहित अंचल के सभी पत्रकारों ने कड़े शब्दों में निंदा की है, साथ ही इस मामले में दोषी लोगों पर कार्यवाही की मांग की है. पत्रिका के संपादक मनीष गुप्ता, दैनिक हिंदसत के संपादक दिलशाद नियाजी, दैनिक भास्कर के ब्यूरो प्रमुख सत्यनारायण पाठक, हरिभूमि के ब्यूरो चीफ सुरेश रावल, नई दुनिया के ब्यूरो प्रमुख संतोष सिंह, नवभारत के ब्यूरो प्रमुख सुधीर जैन, हाईवे चेनल के संपादक देवशरण तिवारी, दैनिक चैनल इंडिया के संपादक नवीन गुप्ता, बस्तर जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष एस करीमुद्दीन, सचिव धमेंद्र महापात्र, श्रमजीवी पत्रकार कल्याण संघ के संभागीय अध्यक्ष राजेश दास, श्रमजीवी पत्रकार संघ के संभागीय अध्यक्ष राकेश पांडे, महासचिव गुप्तेश्वर राव सोनी, जिलाध्यक्ष अदुल बहाव खान ने इस घटना की जांच किये जाने की मांग करते हुए बार बार मीडिया पर हो रहे इस तरह के हमले को लेकर चिंता जाहिर की है. पत्रकारों ने इस मामले में दोषी लोगों पर तत्काल कार्यवाही किये जाने की मांग की है.
क्या है मामला
जिले के पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्यों में बरती जा रही अनियमितताओं को लेकर रायपुर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार में खबरें प्रकाशित हुई थी. मामला उजागर होने के बाद इसकी जांच भी शुरु हो गयी. इस मामले को लेकर ठेकेदार व कांग्रेसी नेता सुभाष सुराना के बहकावे में आकर संबधित पंचायतों के कुछ लोगों ने दंतेवाड़ा के बस स्टैण्ड स्थित रायपुर से प्रकाशित उक्त दैनिक अखाार के दफ्तर का शुक्रवार दोपहर को घेराव कर दिया, साथ ही घेराव करने वालों ने पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार भी किया. जिसकी शिकायत कलेक्टर व एसपी से भी की गयी है.
आंदोलन की चेतावनी
संभागभर के पत्रकारों ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और कहा है कि इस तरह की घटनाएं प्रजातंत्र के चौथे स्तंभ अर्थात मीडिया की स्वतंत्रता का हनन है. सरकार को भी इस मामले पर संज्ञान लेना चाहिए और मामले की उच्च स्तर पर जांच करवाकर दोषी लोगों पर कार्यवाही की जानी चाहिए. दंतेवाड़ा के पत्रकारों को समर्थन देते हुए संभाग के पत्रकारों ने 15 दिनों में कार्यवाही नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है.

