संदीप दीक्षित/बचेली। जुलाई माह के प्रथम सप्ताह से प्रारंभ होने वाले वन महोत्सव का समापन हो गया। सन 1950 से ये महोत्सव मनाया जाता रहा है। इसकी शुरुआत तत्कालीन केंद्रीय कृषि मंत्री श्री के एम मुंशी ने की थी। पेड़ों के त्यौहार के रूप में मनाए जाने वाले इस उत्सव को जंगलों के संवर्धन एवं संरक्षण के लिए मनाया जाता है। इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए वन,जल संरक्षण समिति बचेली के द्वारा पूरे सप्ताह पाढा़पुर स्थिति लघु वन आमोद अरण्य में पौधारोपण किया गया। एक जुलाई से प्रारंभ हुए इस महोत्सव के प्रथम दिन चिकित्सक दिवस के अवसर पर अपोलो अस्पताल के चिकित्सकों के द्वारा इस महोत्सव का शुभारंभ किया गया था। महोत्सव के समापन अवसर पर एसडीएम श्री प्रकाश भारद्वाज, सीआईएसएफ बचेली इकाई के कमांडेंट श्री नरपत सिंह, तहसीलदार श्री विद्याभूषण सॉव ने पौधारोपण किया। अपने संबोधन में एसडीएम श्री प्रकाश भारद्वाज ने कहा कि पौधारोपण तो आसान है पर उसका रखरखाव उसी प्रकार करना होता है जैसा एक बच्चे का लालन-पालन किया जाता है। उन्होंने समिति के द्वारा किए जा रहे देख रेख के प्रयासों की सराहना की इसके साथ-साथ नंदिनी दीक्षित के द्वारा चलाए जा रहे अभियान एक पेड़ शहीदों के नाम की भी प्रशंसा की और सबका उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम में अमलेंदु चक्रवर्ती,तारक साहा, गोविंद नाग, संदीप दीक्षित, प्रेमलता दुर्गम, सीमा दिक्षित उपस्थित थे।
वन महोत्सव का समापन, एसडीएम, सीआईएसएफ कमांडेंट और तहसीलदार ने रोपे पौधे

