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लीलागर नदी पुल के ऊपर से बह रहा है पानी, छत्तीसगढ़ में कई जगह गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अनुमान

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रायपुर : छत्तीसगढ़ में मानसून बरस है। अधिकांश जिलों में जोरदार बरसात हो रही है। मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बरसात का अनुमान जताया है। इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना बनी हुई है। पांच-छह दिनों से हो रही बरसात ने पहाड़ी-नदी नालों को सक्रिय कर दिया है। जिन गांवों, इलाकों से ये नदी-नाले गुजरते हैं वहां बाढ़ की स्थिति बन गई है।

रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया, निम्न दाब का क्षेत्र दक्षिण झारखंड के ऊपर स्थित है। इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा 5.8 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित है। एक द्रोणिका दक्षिण पंजाब से एक निम्न दाब के केंद्र तक स्थित है। इसके प्रभाव से प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। प्रदेश में एक-दो स्थानों में गरज चमक के साथ भारी वर्षा होने तथा आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः उत्तर छत्तीसगढ़ रहने की संभावना है। जशपुर, सरगुजा, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, कवर्धा, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, महासमुंद जिलों में कुछ स्थानों पर बरसात हुई है। कई स्थानों पर अभी भी बरसात की संभावना बनी हुई है। राजधानी रायपुर में आज शाम अथवा रात को बरसात की संभावना बनी हुई है। छत्तीसगढ़ में 9-10 जून की रात में ही मानसून आ गया था। 13 जून तक यह पूरे प्रदेश पर छा गया।

प्रदेश के अनेक स्थानों पर वज्रपात की चेतावनी

मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के 12 जिलों में अनेक स्थानों पर वज्रपात की चेतावनी जारी की है। इनमें से 12 जिलों में इसकी अधिक संभावना है। इन जिलों में सरगुजा संभाग के सरगुजा, जशपुर, कोरिया, सूरजपुर और बलरामपुर हैं। बिलासपुर संभाग के बिलासपुर और कोरबा में इसकी संभावना अधिक है। रायपुर संभाग में केवल गरियाबंद और दुर्ग संभाग में कोई जिला नहीं है। बस्तर संभाग में बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिलों में इसकी अधिक संभावना जताई जा रही है।

पुल के ऊपर से बह रहा है पानी

बारिश के बाद कोरबा की लीलागर नदी का जलस्तर खदान से पानी छोड़ने की वजह से बढ़ गया। रेकी मार्ग पर बने पुल से 4 फीट ऊपर पानी बह रहा था। इससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। लोगों ने कहा दीपका खदान से पानी छोड़ने से ही नदी का जलस्तर बढ़ जाता है। यहां बड़ा पुल बनाने की मांग की जा रही है, लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। लोग जान जोखिम में डालकर पुल पार करते रहे हैं।

तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा

मौसम विज्ञानियों का अनुमान है, प्रदेश के अधिकांश हिस्सों के अधिकतम तापमान में बड़ा परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। दक्षिण छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान में वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है। रायपुर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। कल भी रायपुर के विभिन्न केंद्रों पर तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस रहा।

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