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महंगाई सहित सभी मोर्चे में मोदी सरकार फेल: शिशुपाल शोरी

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अक्कू रिजवी/कांकेर। संसदीय सचिव छ.ग. शासन एवं विधायक कांकेर शिशुपाल शोरी के द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मोदी सरकार को भारत की जनता ने पूर्ण बहुमत देकर देश के हित में जनोपयोगी कार्य करने का अवसर दिया था किन्तु मोदी सरकार हर मोर्चे में विफल रहा है । भाजपाईयों द्वारा मोदी सरकार के 07 वर्ष पूर्ण होने पर अनेक नोटंकी जनहित के नाम पर किये जा रहे हैै। मैं 07 महत्वपूर्ण विषयों पर मोदी सरकार का ध्यान आकृष्ट कर पूछना चाहता हूं कि उनकी सरकार ने ज्वलंत मुद्दों पर क्या कार्यवाही की।
पहला प्रश्न तो यह है कि बढ़ते महंगाई को रोकने के लिए उनके द्वारा क्या उपाय किये जा रहे है 100 दिन में महंगाई रोकने का संकल्प अपने घोषणा पत्र में करने वाली केन्द्र की भाजपा सरकार अभी तक 07 वर्षों में महंगाई क्यों कम नहीं कर पायी, कच्चे तेल के दामों में वृद्धि नहीं होने के बाद भी पेट्रोल, डीजल के दाम उतने अधिक क्यों हो गये है। आवश्यक वस्तुओं की स्टाक की सीमा खत्म कर जमाखोरी को क्यों बढ़ावा दिया जा रहा है क्या इससे आवश्यक वस्तुओं के मूल्य वृद्धि की संभावना नहीं बढ़ेगी?
दूसरा प्रश्न यह है कि 02 करोड़ बेरोजगारों को प्रतिवर्ष रोजगार देने के उनके संकल्प का क्या हुआ। जीएसटी, नोटबंदी से करोड़ों रोजगार छिने गये है उनको पुनः रोजगार का अवसर देने हेतु क्या रणनीति बनायी गई है सार्वजनिक उपक्रमों के निजी करण से प्रभावित कामगारों के लिए अन्य रोजगार के क्या व्यवस्था किये गये है?
तीसरा प्रश्न यह है कि किसानों के आय को वर्ष 2022 तक दोगुनी करने का संकल्प पूर्ति के लिए क्या कदम उठाये जा रहे है ? क्या तीन काले कानूनों के माध्यम से किसानों को कमजोर एवं कार्पोरेट घरानों को उपकृत करने की साजिश नहीं रची जा रही है ? उत्पादन हेतु प्रयुक्त खाद्, बीज, कृषि यंत्र एवं औजार के लागत में कमी करने के लिए क्या कार्यवाही की जा रही है तथा धान सहित अन्य सभी कृषक उत्पाद का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित कर खरीदी की व्यवस्था किस प्रकार की जायेगी ?
चैथा प्रश्न यह है कि सशक्त एवं स्वाभिमान भारत बनाने के संकल्प का क्या हुआ ? रूपयों के लगातार अमूल्यन के रोकथाम की क्या व्यवस्था की गई एवं देशी उद्योग धंधों को प्रोत्साहित करने की क्या रणनीति बनायी गई है ? आयात निर्यात के संकुलन हेतु क्या कदम उठाये जा रहे है ।
पांचवा प्रश्न यह है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के नियंत्रण एवं प्रबंधन में इतने असफल क्यों ? पूरे विश्व में भारत की छवि लाचार एवं बेबश राष्ट्र के रूप में प्रतिस्थापित करने के लिए कौन दोषी है?
छठवा प्रश्न यह है कि भारत के संघीय ढ़ांचा का क्यों कमजोर किया जा रहा है ? गैर भाजपा शासित राज्यों से भेदभाव, राजस्व बंटवारे में कोताही एवं मनमाने निर्णय को राज्यों को थोपने की कोशिश क्यों किया जा रहा है।
सातवा प्रश्न यह है कि भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने के सपने का क्या हुआ? केन्द्रीय संस्थाओं के काम-काज में अनावश्यक हस्तक्षेप एवं सीबीआई तथा अन्य भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने वाली संस्थाओं का राजनीतिक दुरूपयोग क्यों किया जा रहा है।
भाजपाई अपनी नोटंकी बंद कर इन 07 प्रश्नों का उत्तर जनता को दे अन्यथा आने वाली चुनाव में जनता सड़क पर एवं ईवीएम के माध्यम से माकूल एवं मुहतोड़ जवाब देगी ।

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