- सीजी पीडब्लूडी – एडीबी सड़क निर्माण में खपाई जा रही है मुरुम
किरीट ठक्कर/ गरियाबंद : भाजपा के जिला महामंत्री अनिल चंद्राकर ने आरोप लगाया है कि राजिम विधानसभा के अनेक गांव में अवैध मुरुम खनन का कार्य किया जा रहा है। इसकी जानकारी होने के बावजूद दोषियों के खिलाफ जिला प्रशासन कार्यवाही नहीं कर रहा है। उन्होने बताया कि छुरा विकासखंड के ग्राम सांकरा एवं फिंगेश्वर विकासखंड के ग्राम पंचायत रवेली में सत्तापक्ष से जुड़े जनप्रतिनिधि द्वारा बड़े पैमाने पर मुरुम का अवैध उत्खनन किया जा रहा हैं। इस मामले को लेकर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, क्योंकि क्षेत्र के ग्रामीण अवैध मुरुम खनन को लेकर काफी आक्रोशित है। इसकी शिकायत भी समय-समय पर खनिज एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को की गई है। वहीं खनिज माफिया की दबंगई से ग्रामीण भयभीत हैं। विदित हो कि पांडुका से मुड़ागांव तक सड़क का रिहबलिएसन व अपग्रेडेशन करोड़ो रुपयों की लागत से किया जा रहा है। जिसके लिये पिछले कई महीनों से बगैर परिवहन अनुज्ञा मुरुम की खुदाई और परिवहन किया जाता रहा किन्तु प्रशासनिक अधिकारी आंख मूंद कर बैठे रहे। अब तक कई किलोमीटर लंबी सड़क में मुरुम बिछाई जा चुकी है तब जाकर दिखावे के लिए खनिज विभाग द्वारा अनुज्ञप्ति जारी की गई है।
चंद्राकर ने कहा कि ग्राम पंचायत रवेली व ग्राम सांकरा में काफी लंबे समय से मुरुम का अवैध उत्खनन मनमाने तरीके से हो रहे हैं। खनिज माफियाओं ने अब तक बहुत से हरे भरे पेड़ों को भी उखाड़ फेंका हैं। सत्ता में बैठे जनप्रतिनिधि के संरक्षण में पर्यावरण को व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचाया जा रहा है। गांव के सरकारी भूमि व किसानों के जमीन में कूटरचना पूर्वक शासन को गुमराह करते हुए यहां अवैध खनन निरंतर जारी है।
ये भी बताया जा रहा है कि राजिम क्षेत्र के एक जनप्रतिनिधि के द्वारा उक्त कार्य किया जा रहा है। वहीं पंचायती राज के जनपद स्तर के बड़े जनप्रतिनिधि ही इन खदानों में अपना कब्जा जमाए हुए हैं। अवैध कमाई के चक्कर मे ये जनप्रतिनिधि जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह से भूल चुके हैं। यहां के मुरुम खदान से प्रतिदिन सैकड़ो हाइवा वाहन से मुरुम नवीन जतमई मार्ग में खपाया जा रहा है। इस तरह से करोड़ों के विकास कार्य मे रॉयल्टी के नाम पर शासन को लाखों रुपए की क्षति पहुंचाई जा रही है। चंद्राकर ने अवैध मुरुम खनन को लेकर शासन-प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है, जिससे की दोषी बेनकाब हो सकें।

