प्रांतीय वॉच

कोविड- किसान नौजवान पर फोकस बजट 2021-22 कही स्वागत कही मायूस का माहौल

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महेन्द्र सिंह/ पाण्डुका/नवापारा राजिम : बजट 2021-22 कोरोना की भीषण त्रासदी और बेरोजगारी – मंहगाई और आशा- निराशा के दौर के बीच में यह बजट पेश किया गया जो कि भारतीय अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिये केन्द्र सरकार का पूरा जोर लगते दिख रहा हैं आम जनता को इससे क्या नफा नुकसान होगा इस पर छ.ग. वॉच ब्युरो प्रमुख महेन्द्र सिंह ठाकुर ने खास से आम लोगो से बातचीत की और लोगो ने अपने विचार खुलकर व्यक्त किये।
आम व्यक्ति का बजट- विषम परिस्थिति कोरोना का कहर इन सबके बीच मे मोदी सरकार ने संतुलित और अदभूत बजट पेश किया है। जिसें आम आदमी का विशेष ध्यान रखा गया है। कृषि , शिक्षा, स्वास्थ्य , परिवहन , उद्योग सब पर शानदार फोकस किया गया है। यह कथन है महासमुन्द लोकसभा के 2 बार के सांसद एंव राजिम क्षेत्र के पुर्व विधायक चन्दूलाल साहू का उन्होने आगे कहा देश में विकास की गति तेज होगी।
निराशाजनक बजट और निजीकरण पर जोर- छ.ग. राज्य के प्रथम पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री एंव वर्तमान राजिम क्षेत्र के विधायक अमितेश शुक्ला ने कहा कि केन्द्र सरकार ने जो बजट पेश किया है वह बेहद निराशा जनक है मध्यम क्लास ,किसानो ,नौजवानो सर्विस क्लास किसी का ध्यान नही रखा गया है। आधार भूत आवश्यकताओ की पूर्ति कही भी नही दिख रही है। निजीकरण की लहर चला रही है भा.ज.पा. सरकार, नेहरू जी की सरकार ने भारतीय जीवन बीमा निगम को अस्तित्व मंे लाया था जो प्राफिट से लेकर जनहित और प्रबन्धन में विश्व स्तरीय बीमा ब्रान्ड के नाम से जानी पहचानी जाती है। यहा भी भा.ज.पा. सरकार की टेढ़ी नजर है इंदिरा जी ने प्रधानमंत्री रहते बैंको का राष्ट्रीय करण करवाया था जिसे विलयनीति अपनाकर निजी करण किया जा रहा है। इससे किसको फायदा होगा पेट्रोल डीजल पर अतिरिक्त कर लगाया जा रहा है। मंहगाई तेजी से बढ़ेगी और आम आदमी बेहद परेशान होगा।
महिलाओ के लिये विशेष प्रावधान होना चाहिये- छ.ग. की जानी पहचानी समाज सेवी और महिला उत्थान की प्रतीक अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा वीरांगना गुु्रप की प्रदेश अध्यक्ष नीतू सिंह चौहान ने आम बजट के बारे में कहा कि बजट ऐसा हो जो आम भारतीय घर की व्यवस्था से शुरू होकर राष्ट्रीय स्तर तक फोकस हो घर का बजट हम महिलाये बनाती है। अपवाद सवरूप कुछ चीजो को छोड़कर हमे आज तक समझ में नही आया कि आम नागरिक के लिये क्या सस्ता होता है। मंहगा तो समझ में आ जाता है। हमारी विता मंत्री महिला है अतः उनसे मैं प्रदेश और देश की महिलाओ की ओर से मांग करती हूं कि बजट में देश की महिलाओ के उपर बजट का कुछ अंश विशेष रूप से फोकस होना चाहिये।
गांव गरीब और किसान के लिये अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी- सरकड़ा , रजनकटा क्षेत्र की जनपद सदस्य सुश्री बुन्दा साहू ने कहा कि केन्द्र सरकार के आम बजट में गांव ,गरीब और किसान कि लिये अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी हैं। कृषि की बढ़ती लागत और गरीबी दूर करनें के लिये जादा से जादा प्रभावशील योजनाये बननी चाहिये। लघू और सीमांत कृष जोत वाले कृषको के लिये कृषको के लिये भी आवश्यक कदम उठाये जाने चाहिये बेरोजगारी की दर तेजी से बढ़ती जा रही है।
छोटे व्यवसायी और ग्रामीण क्षंेत्र में व्यापार वृद्धि के लिये विशेष प्रयास होना चाहिये- पाण्डुका के युवा कपड़ा व्यापारी रेखराम साहू ने कहा ग्रामीण क्षेत्र के व्यवसायी और यहा व्यापार की खुदरा व्यवस्था को देखते हुये सरकार को चाहिये के ग्रामीण स्तर पर वह आम बजट को विशेष प्रावधान करे जी एस टी औश्र अन्य टैक्स को तर्क संगत बनाना अति आवश्यक है। ताकि गांवो में व्यापार बढ़ेगा तो बड़ी संख्या में बेरोजगारी कम होगा।

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