रायपुर : रविवार को चेम्बर की कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण मीटिंग में ये निर्णय लिया गया के आगामी चेम्बर चुनाव में हर जिले में वोटिंग कराई जाएंगे, इसके पीछे पहला कारण ये बताया गया कि सदस्यों की बहोत लम्वे समय से मांग थी के हर जिले में मतदान केंद्र बनाया जाए ,और दूसरा कारण कोरोना का बताया गया। उपरोक्त दोनों ही कारण स्वीकार योग्य नही है,राजधानी में मतदान कराने से सदस्यों का परिचय जो उम्मीदवार चेम्बर चुनाव में खड़े हुए है उनसे हो जाता है,जबकि जिलो में चुनाव कराने पर किसी भी उम्मीदवार के लिए संभव नही है के वो हर जिले में पहोंच सके।जहाँ तक कोरोना का सवाल है तो जब बिहार जैसे बड़े प्रदेश में विधानसभा का चुनाव हो सकता है,अन्य राज्यो में उपचुनाव हो सकते तो महज 17000 वोटरों वाले चेम्बर में चुनाव क्यों नही कराए जा सकते है। सरकारी चुनावो में चुनाव को निष्पक्ष कराने के लिए पूरी एक फ़ोर्स होती है जिसमे पुलिस एवम अन्य सरकारी अधिकारियो होते है,परंतु चेम्बर के चुनाव में इतना अमला लगना संभव ही नही है,ऐसे में हर जिले में चुनाव कराने पर अगर चुनाव की विश्वनीयता पर ही प्रश्नचिन्ह लग जाये तो इसकी जिम्मेवारी कौन लेगा। अत: चेम्बर चुनावो की जो वर्षो से परंपरा चल रही उसी परंपरा पर इस वर्ष भी चुनाव कराए जाएं ताकि चुनाव शान्तिपूण ढंग से संपन्न हो सके।
चेम्बर चुनाव की विश्विनीयता खतरे में

