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राज्य के आखरी छोर में शान से लहराया तिरंगा, नक्सलगढ़ में गूंजा भारत माता की जय का नारा

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दंतेवाड़ा। इस गणतंत्र दिवस जिले से लगे आखरी छोर और अंचल के सीमांत क्षेत्रों में भी तिरंगा लहराया। सुकमा जिले के कोर्रापाड़, पालामडगु में पहली बार गणतंत्र दिवस (Republic day) पर तिरंगा फहराया गया। सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) की 74वीं वाहिनी के जवानों ने अति नक्सल प्रभावित कोर्रापाड़ और पालामडगु में ग्रामीणों के साथ तिरंगा फहराया। इस दौरान ग्रामीण काफी उत्साह देखने को मिला।

सुकमा के ये जिले अति संवेदनशील इलाकों में आते हैं। इसी साल यहां सीआरपीएफ कैंप की स्थापना (Establishment of CRPF camp) की गई है। यहां के ग्रामीणों ने नक्सलियों के डर से पहले कभी गणतंत्र दिवस पर झंडा नहीं फहराया था। लेकिन इस साल CRPF की 74वीं वाहिनी के जवानों ने नक्सलियों के गढ़ कहे जाने वाले कोर्रापाड़, पालामडगु में गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराया। जिसमें इलाके के युवा, बच्चे और महिलाएं भी शामिल हुईं।

नक्सलगढ़ में भारत माता की जय

इन सबके बीच खास बात ये रही है कि जवानों ने ग्रामीणों के हाथों राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान नक्सलगढ़ में भारत माता की जय के नारे भी लगाए गए। पहली बार इस इलाके में तिरंगा शान से लहराया। जिसका उत्साह ग्रामीणों और बच्चों के चेहरे पर साफ देखने को मिला। यहां के अधिकतर ग्रामीणों ने कभी देश के झंडे को देखा तक नहीं था। लेकिन जब हमारा स्वाभिमान, हमारा तिरंगा शान से लहराया तब ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे और उनमें एक नया जोश देखने को मिला।

कभी फहराता था काला झंडा

कोर्रापाड़, पालामडगु का इलाका नक्सल प्रभावित क्षेत्र है। इन इलाकों में नक्सली 26 जनवरी के दिन ग्रामीणों की मौजूदगी में काला झंडा फहराते आए हैं। लेकिन इस बार जवानों की मौजूदगी में ग्रामीणों और बच्चों ने तिरंगा फहराया और राष्ट्रीय त्योहार की खुशियां मनाई।

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