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- मीडिया में ऊलजलूल बयान देकर सस्ती लोकप्रियता हासिल करना बंद करें हूँगाराम
बालकृष्ण मिश्रा/सुकमा : गंजेनार क्षेत्र से जनपद सदस्य गोरे लखमा नाग ने हूँगाराम के बयानों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में छिंदगढ़ ब्लॉक से भाजपा समर्पित एक भी जनपद सदस्य व जिला पंचायत सदस्य चुनाव नहीं जितना व उनकी राजनीति अहमियत बयां करती है। जिसके खुद के ग्राम पंचायत में बरसों से काबिज सरपंच इस त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में बुरी तरह से हार गये हैं, इसलिए हूँगाराम की बौखलाहट सामान्य बात है। बेरोजगारों को रोजगार देने के उद्देश्य से ई पंजीयन प्रणाली योजना भूपेश बघेल की सरकार में आई है। पूवर्ती रमन सिंह की सरकार में भाजपाई अपने चहेतों को ही टेंडर दिलवाया करते थे। हूँगाराम मरकाम मंत्री कवासी लखमा एवं कांग्रेस के ऊपर आरोप लगाना बन्द करें।
जो आश्रमों से चंदा लेकर राजनीति कर रहे थे उनका अब गोरखधंधा बन्द होने की वजह से बौखला गये हैं। हूँगाराम ने कहा कि सुकमा जिले में जो भी विकास हुए हैं वो केंद्र की मोदी सरकार के द्वारा किया गया है,जो सरासर गलत है। जब केंद्र में डॉ मनमोहन सिंह की सरकार थी तब बीआरजीएफ मद से 2012-13 में 645.04 लाख रुपए 2013-14 542.15 लाख रुपये 2014-15 में 546-21 लाख रुपये आईएपी मद से 2012-13 में 1500.00 लाख रुपये 2013-14 में 2000.00 लाख रुपये 2014-15 में 2000.00 लाख रुपये वहीं 2012-13 में सिविल वर्क में सुकमा जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क व मूलभूत सुविधाओं सहित अन्य विकास कार्यों के लिए खर्च किया गया है।
लेकिन केंद्र में मोदी सरकार आते ही बीआरजीएफ व आईएपी मद को बंद कर दिया गया। उसके बाद 2015 से लेकर अब तक सुकमा जिले में केंद्र सरकार ने सात वर्षों में सात सौ रुपये भी नहीं दिया है। जिससे साफ जाहिर होता है कि मोदी सरकार आदिवासी व अन्य पिछड़ा क्षेत्रों के विकास विरोधी हैं।

