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प्याज फिर निकालेगा आंसू, चिल्हर में 30 से 35 रूपए किलो पहुंचा

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रायपुर: यास तूफान से महाराष्ट्र में मची तबाही का असर प्याज की फसल पर भी पड़ा है। ऐसा होने से अब देश के साथ प्रदेश में प्याज की कीमत एक बार फिर बढ़ने लगी है। पिछले साल कीमत सौ रुपए के पार चली गई थी। अब फिर इसकी कीमत आंसू निकालने पर आतुर नजर आ रही है। थोक में प्याज की कीमत 20 से 25 रुपए और चिल्हर में 30 से 35 हो गई है। प्याज की कीमत प्रदेश में करीब दो माह से चिल्हर में 20 रुपए चल रही थी। लॉकडाउन में स्थिति यह रही कि प्याज के खरीदार नहीं मिल रहे थे। थाेक कारोबारी तो 12 से 13 रुपए किलो के हिसाब से प्याज देने तैयार थे लेकिन इसे लेने खरीदार नहीं आ रहे थे। अब स्थिति बदल गई है और प्याज की कीमत वापस आसमान की ओर जाने लगी है। पिछले सप्ताह से कीमत में इजाफा हो रहा है।

लगातार बढ़ रही कीमत

पहले प्याज की कीमत थाेक में 20 रुपए तक पहुंची, जिसके कारण चिल्हर में प्याज की कीमत 25 रुपए हो गई। अब प्याज की अच्छी क्वालिटी की कीमत थोक में 25 रुपए तक चली गई है। अच्छी क्वालिटी का प्याज चिल्हर में 35 रुपए तक मिल रहा है। थोड़ी सी कम क्वालिटी का प्याज थोक में 20 रुपए और चिल्हर में 30 रुपए है।

क्वालिटी भी खराब

काराेबारियों की मानें तो इस समय जाे प्याज बाहर से आ रहा है, उसकी क्वालिटी अच्छी नहीं है। प्याज की फसल पर यास तूफान का बहुत ज्यादा असर हुआ है। इसके कारण फसल चौपट हुई है। वहीं जाे फसल बची है उसकी क्वालिटी पर असर पड़ा है। प्याज बाहर से दिखने में अच्छा है पर जब प्याज को उपयोग करने के लिए काटा जा रहा है तो प्याज अंदर से खराब निकल रहा है। बोरियों में भी प्याज खराब निकलने के कारण इसकी कीमत चिल्हर में ज्यादा हो गई है। चिल्हर कारोबारियों का कहना है, 40 किलाे की बोरी में पांच से दस किलो प्याज ऐसा रहता है जिसे बहुत कम कीमत पर बेचना पड़ता है। ऐसे में बाकी प्याज की कीमत ज्यादा हो जाती है।

कीमत और बढ़ने के आसार

तूफान के असर से फसल खराब होने के कारण महाराष्ट्र से आने वाले प्याज की कीमत में इजाफा होने से बाजार में इसकी कीमत थोक और चिल्हर में बढ़ गई है। अभी कीमत में राहत के आसार नहीं दिख रहे हैं।

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