अक्कू रिजवी/कांकेर : ज़िला कांकेर मैं लॉक डाउन का विस्तार 1 जून की सुबह तक कर दिया गया है ।आशा की गई थी कि इस बीच कोरोना के मामले कम हो जाएंगे और फिर से बाज़ार गुलज़ार हो सकेंगे लेकिन आज अचानक स्टेट बैंक कांकेर की मुख्य शाखा में पांच मामले पॉजिटिव आ जाने से लोगों की उम्मीदों को धक्का लगा है। बताया जाता है कि आज बैंक में कार्य शुरू भी हो चुका था और कुछ लोगों को टोकन भी मिल गए थे लेकिन 5 नए मामलों की ख़बर आते ही आनन-फानन में ब्रांच बंद कर दी गई, जिसके कारण अनेक ग्राहकों को निराश होकर घर लौटना पड़ा। स्टेट बैंक की ब्रांच में इससे पहले भी कोरोना के हमले हो चुके हैं और हर बार सप्ताह या 10 दिन तक बैंक को बंद रखा गया है, जिससे व्यापारियों सहित अन्य ग्राहकों का भी भारी नुकसान हुआ है । यह सोचने की बात है कि इसी ब्रांच पर कोरोना के हमले क्यों होते हैं जबकि कांकेर में 20 से अधिक राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाएं हैं। ऐसा लगता है कि स्टेट बैंक को सही ढंग से सेनीटाइज़ नहीं किया जाता। यदि भीड़ कम हो और स्वच्छता अधिक हो , तो एक ही स्थान में बार-बार कोरोना नहीं होता। लोगों को भी चाहिए कि केवल एक ही बैंक में खाता ना रखें । शासन को भी चाहिए कि सरकारी चालान और बिल्स का काम अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों में भी शुरू करा दिया जाए ताकि स्टेट बैंक की भीड़ कम हो, अन्यथा यहां बार-बार ताले लगते ही रहेंगे फिलहाल स्टेट बैंक में नोटिस बोर्ड टांग दिया गया है कि स्टाॅफ में कोरोना पॉजिटिव निकलने के कारण आज बैंक का कार्य स्थगित है । नोटिस में यह नहीं लिखा है कि ब्रांच कितने दिनों तक बंद रहेगी और कितने लोगों को पॉजिटिव निकला है? लोग अधूरी जानकारी वाले नोटिस को पढ़कर घर वापस जा रहे हैं और लोगों के अति आवश्यक काम भी बैंक बंद हो जाने के कारण रुक गए हैं।|
काँकेर स्टेट बैंक पर एक बार फिर कोरोना का का धमाका 5 कर्मचारी निकले कोरोना पॉजिटिव

