अक्कू रिजवी/कांकेर : कोरोना की आपदा से जहां सारा संसार त्रस्त है, वहीं व्यापारी वर्ग इस आपदा को अवसर बनाकर नाजायज लाभ लूटने में लगा हुआ है । कांकेर शहर तथा जिला भी इसका अपवाद नहीं है। यहां भी देखा जा रहा है कि छोटे बड़े सभी प्रकार के अधिकतर व्यापारी बहती गंगा में हाथ धो रहे हैं। जनता की तकलीफों को देखते हुए कांकेर कलेक्टर ने किराना वस्तुओं की होम डिलीवरी की छूट दी है लेकिन इस छूट का भी लाभ उठाया जा रहा है । होम डिलीवरी का आज्ञापत्र प्राप्त अधिकतर व्यापारियों की दुकान में मूल्य सूची नहीं है और वे उपभोक्ताओं को सही मूल्य बताते भी नहीं ।कुछ ही व्यापारी हैं, जो वास्तविक होम डिलीवरी दे रहे हैं ,अधिकतर व्यापारी यही करते हैं कि सामानों की लिस्ट तो ले लेते हैं लेकिन उपभोक्ता को दुकान पर आने को और भीड़ लगाने पर मजबूर कर देते हैं । फिर होम डिलीवरी का क्या मतलब रह गया है…? छोटे व्यापारी भी मौके का फायदा उठाने में पीछे नहीं हैं। सवेरे से नए बस स्टैंड में भीड़ लगा देते हैं और जिन्हें ठेले पर घर-घर जाकर सब्जी , फल , आदि बेचने का आदेश है , वे लोग भी एक ही जगह खड़े हो जाते हैं और मनमानी दामों पर चीजें बेचते हैं। इनमें से अनेक ऐसे हैं जो मास्क का भी प्रयोग नहीं करते , जबकि मास्क लगाने तथा एक जगह खड़े होकर भीड़ नहीं लगवाने की शर्त पर ही उन्हें सब्जी ,फल , आदि बेचने की अनुमति है। प्रशासन की कुछ तो ढिलाई और कुछ उदारता का लाभ उठाकर कई छोटे बड़े व्यापारी कमाई में लगे हुए हैं । साथ ही भीड़ लगवा कर बीमारी को भी निमंत्रण दे रहे हैं।
लॉक डाउन का नाजायज़ फ़ायदा उठाते हुए कुछ दुकानदारों के द्वारा एमआरपी से ज्यादा भाव में बेचे जा रहे हैं समानों को

