Health check-up of 89 children in Sarsiwa under Malnutrition Free District Campaign
बिलाईगढ़। राज्य शासन की मंशा के अनुरूप जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन और निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के साझा प्रयासों से कुपोषित एवं कम वजन वाले बच्चों की पहचान, स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरसीवा में कुपोषित शिशुओं के लिए विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया।
शिविर में कुल 89 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनकी स्थिति और पोषण स्तर का आकलन किया गया। इनमें 14 बच्चे सामान्य, 31 मध्यम कुपोषित, 26 कुपोषित और 18 अति गंभीर कुपोषित पाए गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चों की जांच के साथ उनके अभिभावकों से आवश्यक जानकारी ली और बच्चों की श्रेणी के अनुसार आगे की देखभाल एवं उपचार के संबंध में परामर्श दिया।
अति गंभीर कुपोषित पाए गए 18 बच्चों के अभिभावकों को बेहतर उपचार और पोषण पुनर्वास के लिए बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने की सलाह दी गई। अभिभावकों को बताया गया कि केंद्र में बच्चों को चिकित्सकीय निगरानी, पोषणयुक्त आहार और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाता है। जिले में जिला चिकित्सालय तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरमकेला और बिलाईगढ़ में पोषण पुनर्वास केंद्र संचालित हैं। प्रत्येक केंद्र में 12 बिस्तरों की व्यवस्था है।
शिविर में अभिभावकों को बच्चों के खान-पान, संतुलित एवं पौष्टिक आहार, स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व की जानकारी भी दी गई। कुपोषण की समय पर पहचान कर चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार और पोषण संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने से बच्चों के स्वास्थ्य स्तर में सुधार लाया जा सकता है। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से बच्चों की नियमित निगरानी करने तथा स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के अमले से संपर्क बनाए रखने की अपील की है।
कलेक्टर के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग की जिले में संचालित छह परियोजनाओं में यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। दोनों विभागों का मैदानी अमला समन्वय से बच्चों की पहचान, स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक परामर्श और उपचार की व्यवस्था कर रहा है। अभियान के तहत अगले सप्ताह बरमकेला में भी विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। जिले को कुपोषण मुक्त बनाने और बच्चों को समय पर स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए ऐसे प्रयास आगे भी
जारी रहेंगे।

