Balod police carry out major surgical strike on drug peddlers: 3 inter-district smugglers arrested with banned narcotic tablets and vehicles worth Rs 6 lakh
बालोद : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में नशा कारोबारियों के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर बहुत बड़ा प्रहार किया है। थाना बालोद के सख्त और चौकस अमले ने मुखबीर की सटीक सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए तांदुला नदी किनारे रामघाट मंदिर के पास से तीन शातिर तस्करों को रंगे हाथों धर दबोचा है। आरोपियों के कब्जे से 6 लाख रुपये कीमत की 1,500 नग प्रतिबंधित नाइट्रोसैन-10 (Nitrosun-10) टैबलेट, 15,000 रुपये नकद, दो संदिग्ध वाहन (स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल व एक्टिवा स्कूटी) और मोबाइल फोन समेत कुल 7,15,000 रुपये का मशरुका जब्त किया गया है।
मुखबीर की सूचना से लेकर घेराबंदी तक, ऐसे बिछाया जाल
थाना प्रभारी (निरीक्षक) शिशुपाल सिन्हा को मुखबीर से पुख्ता सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध किस्म के लोग तांदुला नदी के रामघाट इलाके में भारी मात्रा में नशीली दवाइयां खपाने की फिराक में खड़े हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। इसके बाद एसडीओपी बालोद विनय कुमार साहू की उपस्थिति और कुशल मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने बिना एक पल गंवाए सुनियोजित तरीके से इलाके की घेराबंदी की और आरोपियों को भागने का कोई मौका नहीं दिया।
सलाखों के पीछे पहुंचे ये शातिर तस्कर:
* नवीन चावला (उम्र 30 वर्ष, निवासी विद्यावासिनी वार्ड, धमतरी)
* आशीष निर्मलकर (उम्र 40 वर्ष, निवासी कोषापारा, धमतरी)
* किशन बहादुर उर्फ नेपाली (उम्र 38 वर्ष, निवासी वार्ड क्र. 02, पंढरीपुरी, डौंडी लोहारा, बालोद)
प्राथमिक पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि ये आरोपी नशीली दवाइयों की बड़ी खेप ओडिशा के भुवनेश्वर से मंगवाकर छत्तीसगढ़ के विभिन्न इलाकों में सप्लाई करने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(ग) के तहत गंभीर मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
*पुलिस कप्तान किरण गंगाराम चव्हाण का कड़ा संदेश: “सुधर जाओ वरना सुधार दिए जाओगे”*
जिले की कमान संभालते ही पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण ने अपराधियों और नशा कारोबारियों को दो टूक चेतावनी दे दी है कि वे या तो अवैध धंधे छोड़कर खुद सुधर जाएं, अन्यथा पुलिस कानून के दायरे में उन्हें सुधारना अच्छी तरह जानती है। पुलिस कप्तान का स्पष्ट निर्देश है कि जिले में नशे और अपराध के खिलाफ किसी भी प्रकार का कोई समझौता (No Compromise) नहीं किया जाएगा।
बालोद पुलिस के इस सख्त रुख और त्वरित एक्शन से अपराधियों और नशा तस्करों के सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है। आम नागरिकों और बुद्धिजीवियों ने पुलिस की इस उत्कृष्ट कार्यशैली की मुक्तकंठ से सराहना की है, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि बालोद पुलिस क्षेत्र की युवा पीढ़ी को नशे की दलदल में धकेलने वाले सौदागरों को बख्शने के बिल्कुल मूड में नहीं है।

